असम एनआरसी: ममता की टिप्पणी पर भड़के मंत्री पटवारी, कहा ब्यान आपत्तीजनक  

गुवाहाटी

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के टिप्पणी पर असम के मंत्री चन्द्रमोहन पटवारी भड़क उठे हैं और ममता की भाषण को ” आपत्तिजनक ” बताया है I पटवारी ने ममता के भाषण को “असम के लोगों को अपमानित करने वाला और संविधान तथा उच्चतम न्यायालय की भावना के खिलाफ बताया है।”

पटवारी ने एनआरसी अपडेट के खिलाफ ममता के भाषण को  “राजनीति से प्रेरित” और “उनके वोटबैंक का तुष्टिकरण करने वाला” बताया।

मीडिया से बात चीत करते हुए पटवारी ने कहा है कि ” हम ममता बनर्जी के बयान की निंदा करते हैं। यह आपत्तिजनक और असम की जनता का अपमान है। यह भारत के संविधान तथा उच्चतम न्यायालय की भावना के खिलाफ है।”

बता दें कि बुधवार को पश्चिम बंगाल के अहमदपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए असम गए हैं। लेकिन एनआरसी के बहाने उनको वहां से खदेड़ने की योजना बन रही है। ममता ने कहा था कि सरकार को बांटों व राज करो की नीति का पालन नहीं करना चाहिए।  तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि लोग रोजगार की तलाश में एक से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं। धीरे-धीरे वे वहां बस जाते हैं। बंगाल में दूसरे राज्यों के लाखों लोग रहते और नौकरी करते हैं।
उन्होंने दावा था किया कि तृणमूल कांग्रेस आम लोगों के हित में आवाज उठाने वाली अकेली पार्टी है। ममता ने कहा कि पार्टी आम लोगों के हित में आवाज उठाती रहेगी और अगर उनके साथ कुछ गलत हुआ तो चुप नहीं बैठेंगी।

बता दें कि असम के मूल नागरिकों की पहचान के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में वर्ष 1951 में तैयार एनआरसी को अपडेट करने की कवायद चल रही है। इसका पहला मसौदा 31 दिसंबर की आधी रात को प्रकाशित किया गया है। पहले मसौदे में 3.29 करोड़ आवेदकों में से 1.9 करोड़ के नाम शामिल हैं।

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