जतिंगा जहां पक्षी करते हैं आत्महत्त्या

जतिंगा 

By Ajit Jaiswal

ज़िंदगी और मौत का रहस्य जितना सुलझाया गया है वह उतना ही उलझता गया है। इसमें भी हैरान करने वाली बात तो यह है कि ज़िंदगी और मौत के रहस्य में केवल इंसान ही नहीं बल्की जीव-जंतु और पक्षी भी उलझ जाते यह बात हम यूं ही नहीं कह रहे हैं इसका पुख्ता सबूत भी मौजूद है हमारे पास।

हम आपको ले चलते हैं एक ऐसी जगह जहां मौत के रहस्य में उलझकर आसमान को छूने वाले पक्षी खुद मौत को गले लगा लेते हैं यानी आत्म हत्या कर लेते हैं। आपको थोड़ी हैरानी हो रही होगी कभी भला पक्षी आत्म हत्या कैसे कर सकते हैं। लेकिन यह बातें केवल आपको ही हैरान नहीं करती हैं बल्की उन्हें भी हैरत में डाले हुए है जहां वर्षों से यह सिलसिला चला आ रहा है। यह जगह है “जतिंगा”।

भारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम में एक घाटी है जिसे जतिंगा वैली कहते हैं। यहां जाने पर आपको पक्षियों के आत्म हत्या करने का नजारा दिख जाएगा।

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मानसून के महीने में यह घटना अधिक होती है। इसके अलावा अमावस और कोहरे वाली रात को पक्षियों के आत्म हत्या करने के मामले अधिक देखने को मिलते हैं।

पक्षियों के आत्महत्या का रहस्य क्या है इस बात को लेकर कई तरह की बातें इस क्षेत्र में प्रचलित थी। यहां की जनजाती यह मानती है कि यह भूत-प्रेतों और अदृश्य ताकतों का काम है।

जबकी विशेषज्ञों की धारणा यह है की यहां तेज हवाओं से पक्षियों का संतुलन बिगड़ जाता है और वह आस-पास मौजूद पेडों से टकराकर घायल हो जाते हैं और मर जाते हैं। अब बात चाहे जो भी हो लेकिन यह स्‍थान पक्षियों के आत्म हत्या के कारण दुनिया भर में आज भी रहस्य बना हुआ है।

जतिंगा में इन खूबसूरत पक्षियों द्वारा आत्महत्त्या यह आश्चर्यजनक दृश्य देखना चाहते हैं तो आप को सब से पहले गुवाहाटी आना होगा. गुवाहाटी से हाफलोंग के लिए बस और ट्रेन सेवा है. हाफलोंग में सस्ते होटल भी हैं . यहाँ ठहर कर आप पक्षियों के आत्महत्या की कहानी खुद अपने आँखों से देख सकते हैं.

 

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