और वह बैग में रखे कृत्रिम दिल के सहारे डेढ़ वर्ष रहा जीवित

वेब डेस्क

हम अपने इस पेज में आप को ऐसी हकीकत से रू-बरू करवाते हैं जिसे पढ़ कर दिल मानने को तैयार नहीं होता और आँखें देख कर हैरान हो जाती हैं लेकिन यह कहानी नहीं बल्की हकीकत होती है I आज भी एक ऐसी ही हकीकत बताने जा रहे हैं जो शायद सदियों में एक बार देखने या सुनने को मिलती हैI यह हकीकत एक अजूबा ही है जिसे पढ़ कर आप बोल उठेंगे ” जाको राखे साईयाँ – मार सके न कोए ” I यह सच्ची कहानी है एक अमेरिकी युवक की जो बैग में रखे कृत्रिम दिल के सहारे डेढ़ वर्ष जीवित रहा I

और वह बैग में रखे कृत्रिम दिल के सहारे डेढ़ वर्ष रहा जीवित

आपको शायद यह खबर अजूबा लगे, लेकिन यह एक सत्य और आश्चर्यजनक घटना है जो पूरे चिकत्सा जगत को हैरत में डाल दिया । एक 25 साल का युवा बिना दिल के एक वर्ष से अधिक समय तक जीवित रहा। डॉक्टरों ने हाल ही में उसका हार्ट ट्रांसप्लांट किया।

अमेरिका के 25 वर्षीय स्टेन लार्किन नामक यह इस युवक का हाल ही में हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ है। इसमें कोई नई बात नहीं है, लेकिन स्टेन ने 555 दिन कृत्रिम दिल के सहारे ज़िंदा रहा, जिसने उसके शरीर में हृदय का कार्य किया। उनके लिए एक ऐसा डिवाइस बनाया गया जिसने 555 दिनों तक स्टेन के इस कृत्रिम दिल तक रक्त को पहुंचाया।

बात 2014 की है जब स्टेन वे पहले मरीज थे, जिन्हें मिशिगन में आर्टिफि‍शल हार्ट डिवाइस के साथ डिस्चार्ज किया गया है, जिसे Syncardia नाम से जाना जाता है। स्टेन और उनके भाई का कार्डियोमायोपैथी के तहत इलाज किया गया। दोनों को वह बीमारी थी जो कई एथलीट्‍स की मौत का कारण बनती है। स्टेन और उनके भाई डोमिनिक के दिल को शरीर से हटा दिया और Syncardia नामक इस डिवाइस से जोड़ दिया गया।

ट्रांसप्लांट करने वाले जोनाथन हैफ्ट के मुताबिक, जब दोनों भाइयों से गहन चिकित्सा विभाग में मुलाकात हुई तो दोनों बहुत बीमार थे। डॉक्टर उनका हृदय प्रत्यारोपण करने वाले थे, लेकिन उन के पास उतना समय नहीं था। उनके शरीर की स्थिति ऐसी नहीं थी कि किसी दूसरी टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा सके। दोनों भाइयों के दिल में इंप्लाटेबल डिफ़िब्रिलेटर्स का प्रयोग असफल रहा, इसलिए Syncardia का प्रयोग किया गया।

और वह बैग में रखे कृत्रिम दिल के सहारे डेढ़ वर्ष रहा जीवित

डॉमिनिक को Syncardia का प्रयोग कुछ हफ्तों तक करना पड़ा, लेकिन स्टेन को एक वर्ष से ज्यादा तक इस तकनीक का सहारा लेना पड़ा। उन्हें ज्यादा समय तक अस्पताल में रहना पड़ता, इसलिए उन्हें  फ्रीडम पोर्टेबल ड्राइवर के साथ दिल का प्रत्यारोपण होने तक घर भेजा गया।

दिल को धड़काने वाले इस पोर्टेबल डिवाइस के साथ जिंदगी बिताना भी स्टेन के लिए कोई आसान नहीं था। लगभग 6 किलो (13.5 पाउंड) के इस डिवाइस को स्टेन के पीठ के पीछे लगाया गया जिसने उसके पूरे शरीर में रक्त को पहुंचाया।

सबसे आश्चर्य की बात है कि स्टेन ने इस डिवाइस के साथ अपने जीवन के सभी काम किए। इस डिवाइस के लिए उनकी बेटियों ने एक पिगी बैग तैयार किया, जिसमें इस डिवाइस को रखकर स्टेन उसे अपनी पीठ पर टांगकर रखते थे। डॉक्टरों को बड़ा आश्चर्य हुआ जब इस डिवाइस के साथ ही स्टेन ने बॉस्केटबॉल भी खेला।

9 मई 2016 को स्टेन को एक डोनर मिला और उनका दिल प्रत्यारोपण किया गया। स्टेन अपने जीवन की कहानी को रोलर कोस्टर की तरह बताते हैं, जिसमें कई उतार-चढ़ाव आए। स्टेन का कहना है कि 5.7 मिलियन अमेरिकी हार्ट फेलियर के साथ रहते हैं जिन्हें दानदाताओं की आवश्यकता है।

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