शिलांग सीआरपीएफ के आईजी रजनीश राय के बयान पर सरकार गंभीर, दिए जांच के आदेश  

गुवाहाटी

शिलांग सीआरपीएफ के आईजी रजनीश राय के फर्जी मुठभेड़ संबंधी बयान को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए है | चिरांग जिला न्यायाधीश ने चिरांग के एसीएस, एसडीएम जयंत सरकार को NHRC के दिशा-निर्देशों के तहत मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए है| इसके अलावा असम पुलिस महानिदेशक ने भी BTAD के आईपीएस, आईजीपी अनुराग अगरवाल को मामले की जाँच का निर्देश देते हुए रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है|

अब दोनों रिपोर्टों का इंतजार है| असम सरकार इस मामले को बड़ी गंभीरता से ले रही है और न्यायिक जांच की रिपोर्ट तथा डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने को तैयार है|

दरअसल वरिष्ठ सीआरपीएफ अधिकारी रजनीश राय ने हाल ही में चिरांग जिले में सेना, सीआरपीएफ, असम पुलिस और एसएसबी द्वारा चलाए गए अभियान पर सवाल उठाए थे| शिलांग स्थित सीआरपीएफ के आईजी रजनीश राय ने आरोप लगाया था कि सिमलुगुड़ी में बीते 30 मार्च को एनडीएफबी (एस) के साथ मुठभेड़ फर्जी था, जिसमें उग्रवादी संगठन के सदस्य मारे गए थे|

राय ने आरोप लगाया था कि डी-कल्लिंग गाँव से दो लोगों को लाकर सिमलुगुड़ी में उनकी हत्या की गई थी|

राय ने अपने बयान में कहा था कि GPS रिकॉर्ड से पता चलता है कि किस तरह कोबरा का सीआरपीएफ यूनिट मुठभेड़ से कुछ घंटे पहले सिमलुगुड़ी पहुंचा था| इससे पता चलता है कि एनडीएफबी (एस) के साथ मुठभेड़ का नाटक करने के लिए उचित जगह की तलाश की गई|

राय की रिपोर्ट में कहा गया कि असम पुलिस और सेना के दल ने गाँव से दो एनडीएफबी (एस) कैडरों को उठाया और ओगुड़ी में सुरक्षा बलों की एक और टीम उनसे जुड़ गई| इसी के बाद दोनों लोगो की हत्या करने का फैसला लिया गया| जिस वक्त दोनों संदिग्ध एनडीएफबी (एस) कैडरों को उनके घर से उठाया गया उस वक्त वहां एक 11 साल का लड़का भी मौजूद था|

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