बीबीसी के खिलाफ राज्य सरकार की कानूनी पहल

गुवाहाटी

बीबीसी द्वारा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संबंध में गलत छवि प्रसारित किए जाने के आरोप में राज्य सरकार ने कानूनी कार्रवाई की पहल की है| हाल ही में ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन द्वारा जारी एक डाक्यूमेंट्री में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संबंध में गलत छवि प्रसारित की गई थी जिसके बाद बीबीसी तथा इसके दक्षिणी एशियाई संवाददाता जस्टिन रौलेट के खिलाफ कानून का सहारा लिया जा रहा है |

सरकार का आरोप है कि बीबीसी ने अपनी डाक्यूमेंट्री में काजीरंगा की गलत तस्वीरें दिखाने की कोशिश की है| दरअसल हाल ही में बीबीसी ने संरक्षण पर हत्या शीर्षक से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री प्रसारित किया और इसे काजीरंगा का अँधेरा रहस्य करार देते हुए कहा गया कि तस्करों के खिलाफ युद्ध अब बहुत दूर चला गया है|

राज्य की वन मंत्री प्रमिला रानी ब्रह्म ने बीबीसी की गतिविधियों को ‘निहायत गलत’ करार देते हुए कहा कि बीबीसी ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट पर गैंडो के संरक्षण के वास्तविक चित्रों को प्रसारित नहीं किया है|

ब्रह्म ने कहा, ‘उन्होंने एक समग्र पक्षपाती दृश्य को प्रसारित किया है जो हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है| हमने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और बीबीसी और इसके संवाददाता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है|” उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक मसौदा भी प्रस्तुत किया गया है|

इसी बीच केएनपी के निदेशक डॉ. सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि काजीरंगा में शूट-एट-साइट का कोई निर्देश नहीं है जबकि बीबीसी की प्रस्तुति में यह दावा किया गया है कि काजीरंगा में सुरक्षा गार्डों को शूट-एट-साइट का अधिकार दिया गया है|

डॉ.सिंह ने कहा, “ उन्होंने तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और कुछ चुनिंदा अधिक नाटकीय साक्षात्कार और पुराने फुटेज प्रसारित किया| इसके अलावा विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से अनुमति के आदेश का उल्लंघन किया है| एक विदेशी गैर सरकारी संगठन और कुछ स्थानीय लोग जो गैंडों के संरक्षण के विरोधी है उनकी शह पर उन्होंने ऐसा किया है|”

बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वनकर्मियों द्वारा अधिक लोग मारे गए हैं जिसमें कम गैंडों की ह्त्या तस्करों ने की है| पिछले साल 23 लोग वनकर्मियों ने मार गिराए हैं जबकि तस्करों के हाथों सिर्फ 17 गैंडे ही मारे गए हैं|

डाक्यूमेंट्री को तैयार करने वाले बीबीसी संवाददाता रौलेट ने दावा किया है कि सन 2014 से केवल दो तस्करों के खिलाफ ही मुकदमा चलाया गया है जबकि 50 से अधिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई|

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