असम: KGBV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर एसिड अटैक, छात्राओं का पलायन

असम में KGBV के गर्ल्स हॉस्टल में नकाबपोशों द्वारा छात्राओं पर एसिड अटैक किये जाने के बाद हॉस्टल खाली. शिक्षा विभाग ने कोई खबर नहीं ली. 


गुवाहाटी

गुवाहाटी से करीब 80 किलोमीटर दूर दरंग ज़िले के धुला स्थित कस्तूरबा गाँधी बालिका का विद्यालय में कोहराम  मचा हुआ है इस कोहराम का कारण है कुछ नकाबपोश बदमाशो द्वारा विद्यालय के छात्रा निवास में जबरन घुस कर हाथो में एसिड लेकर छात्राओं के साथ जोरजबरदस्ती करना.

नकाबपोश बदमाशों के इस आतंक के कारण विद्यालय के सभी 55 छात्राओं ने विद्यालय में पढ़ने के बदले अपने इज्जत और जान बचने के लिए सुबह का उजाला होते ही विद्यालय से पलायन कर गयीं. शर्मनाक बात तो यह है कि इतना बड़ा  घटना होने के बाद भी शिक्षा विभाग मामले को गुप्त रखने और रफा दफा करने का प्रयास किया.

घटना के सम्बन्ध में विद्यालय के वार्डन दीपांजलि सहरिया ने NESamachar को बताया कि पहले भी रात के अँधेरे में इस तरह की घटना होती थी.  रात के अँधेरे में बदमाश विद्यालय परिसर में घुस कर आतंक मचाते थे  लेकिन 16 सितम्बर की रात छात्रा निवास में भयंकर घटना हो गयी.

रात के करीब 11 बजे कुछ नकाबपोश बदमाशों ने बाउन्ड्री वाल पार कर विद्यालय परिसर में घुस आए हॉस्टल का दरवाजा तोड़ अंदर घुस गए. उन के हाथों में तेजाब के बोतल थे. बोतल ले कर लडकियो के साथ जोरजबरदस्ती करने लगे .  इस घटना को लेकर पुरे परिसर में कोहराम मच गया.  लड़कियों  में चीख पुकार मच गयी इसी बिच एक शिक्षिका ने धुला थाना और नजदीक के CRPF कैम्प में सुचना दिया. सुचना मिलते ही पुलिस CRPF विद्यालय में पहुंच स्थिति का जायजा लिया और फिर चले गए.

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 लेकिन CRPF के जाने के बाद नकाब बदमाशों का दल वापस आया और फिर आतंक मचाने लगा. बदमाशों ने लडकियो के कुछ कपड़ों को जला कर फिर आने की धमकी देकर वापस चले गए.  इस घटना से भयभीत  होकर सभी लड़किया विद्यालय खाली कर अपने घरो में लौट गयीं हैं .

वार्डन दीपांजलि सहरिया के अनुसार सुबह्होने पर धुला थाना में इस घटना को ले कर शिकायत दर्ज करवाई गयी है. साथ ही साथ  शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारीयों को भी इस घटना से अवगत कराया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की जाँच चल रही है.

इसी बीच  कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय परिसर सुनसान स्थान पर होने के साथ साथ सुरक्षित नहीं है.  हैरान करने वाली बात तो यह है कि घटना के चार दिन बाद भी शिक्षा विभाग का  कोई भी अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए विद्यालय परिसर में नहीं पंहुचा .

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