पश्चिम बंगाल चुनावी हिंसा: चुनाव आयोग सख्त, चुनाव प्रचार पर रोक

पश्चिम बंगाल में हो रहे चुनावी हिंसा के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सख्त क़दम उठाते हुए चुनावी प्रचार पर रोक लगा दिया है, अब चुनाव प्रचार एक दिन पहले ही खत्म हो जाएगा. 


गुवाहाटी

न्यूज़ डेस्क

देश के इतिहास में  पहली बार ऐसा हुआ है जब चूनाव आयोग ने निर्धारित समय से पहले ही चुनाव प्रचार पर रोक लगा दिया है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल मे संविधान के दफा 324 का इस्तेमाल करते हुए पूरे राज्य में चुनाव प्रचार पर तय समय सीमा से पहले ही रोक लगा दिया है ।

बता दें कि संविधान द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए इस अधिकार के अंतर्गत चूनाव आयोग किसी भी विपरीत स्थिति को देखते हुए  इस दफा के प्रयोग से चूनाव प्रचार को समय से पहले रोक सकता है।

पश्चिम बंगाल मे जारी चूनावी हिंसा को देखते हुए आयोग ने  दफा 324 का प्रयोग किया है और निर्धारित समय से एक दिन पहले चुनाव प्रचार पर रोक लगा दिया है । इसके तहत 16  यानी आज शाम से पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक लग जाएगी I

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान और उसके बाद कोलकाता में व्यापक पैमाने पर हुई हिंसक घटनाओं के कारण राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नाजुक हो गई है I  इस हिंसा के दौरान महान समाज सुधारक और पश्चिम बंगाल के आदर्श पुरुष के रूप में विख्यात ईश्वरचंद्र विद्यासागर की 19वीं सदी की एक प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त की गई थी I  इसी कारण चूनाव आयोग ने दफा 324 का इस्तेमाल करते हुए राज्य भर में में निर्धारित समय से एक दिन पहले चुनाव प्रचार समाप्त करने  कि घोषणा कीहै ।

बुधवार को उपचुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब आयोग को चुनावी हिंसा के मद्देनजर किसी चुनाव में निर्धारित अवधि से पहले चुनाव प्रचार प्रतिबंधित करना पड़ा हो. 

आयोग ने साथ ही राज्य के गृह विभाग के प्रधान सचिव और सि.आई.डी के अतिरिक्त महानिदेशक के तबादले का भी आदेश दिया हे।  गौरतलब हे कि पश्चिम बंगाल मे सातवें चरण के लिए 19 मई को मतदान होना हे।

पश्चिम बंगाल की  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आयोग के इस कदम की कड़ी आलोचना की है । उनका कहना हें कि चूनाव आयोग का यह कदम असंवैधानिक होने के साथ ही पश्चिम बंगाल की जनता का अपमान हे। उन्होंने साथ ही  यह भी कहा की ऐसा करके आयोग ने चूनावी हिंसा फैलाने  के जूर्म मे अमित शाह को सजा देने के बजाए उनकी पार्टी यानी भाजपा को प्रुस्कृत किया है।

उधर भाजपा ने आयोग के इस फैसले  का स्वागत किया हे। पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने ट्वीट कर  कहा है कि पश्चिम बंगाल मे मूक्त चूनाव प्रचार नहीं हो पा रहा। इसलिए आयोग के प्रचार के समय सीमा निर्धारित समय से पहले ही खत्म करना पड़ा है।

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