असम: NFR ने टिकट रहित यात्रियों से 39 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला

NFR ने जनवरी से जुलाई, 2019 तक की अवधि के दौरान बिना टिकट यात्रा करने के 544218 मामले दर्ज किया तथा टिकट रहित यात्रियों से 38.50 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला । 


गुवाहाटी

पूर्वोत्तर सीमा रेल (NFR ) ने जनवरी से जुलाई, 2019 तक की अवधि के दौरान बिना टिकट/अनियमित टिकटों के साथ यात्रा करने तथा बिना बुक किए गए सामानों के साथ यात्रा करने के 563228 मामले दर्ज किया। जांच के दौरान बिना टिकट/अनियमित टिकट की यात्रा के 544218 मामले दर्ज किया गया तथा उनसे 38.50 करोड़ रुपये वसूल किए गए। अत्याधिक माल अथवा बिना बुक किए गए सामानों के साथ यात्रा करने वाले 19010 यात्रियों से 0.23 करोड़ रुपये जुर्माना के तौर पर वसूल किए गए।

पिछले वर्ष की संबंधित अवधि की तुलना में जुर्माना मामले के परिप्रेक्ष्य में करीब 13.17 प्रतिशत तथा उपार्जन के मामले में 16.55 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि के दौरान, 14 मजिस्टेरियल निरीक्षण अभियान चलाए गए एवं 136 व्यक्तियों को धर दबोचा गया एवं उनसे रु. 89,410..00 की रकम भी वसूल की गई।

उल्लेखनीय है कि इस अवधि के दौरान NFR ने यात्री उपार्जन के समानुपातिक लक्ष्य को भी पार करने में सफलता हासिल किया। इस अवधि के दौरान उपार्जन रु. 626.21 करोड़ रहा। यह रु. 610.79 करोड़ के निर्धारित लक्ष्य से 2.52 प्रतिशत अधिक है तथा पिछले वर्ष की संबंधित अवधि की तुलना में 4.87 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि के दौरान यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होकर 381.87 लाख हो गई, जिसे निर्धारित 370.00 लाख के लक्ष्य से 3.21 प्रतिशत अधिक है।

यह स्पष्ट है कि सघन टिकट जांच पर बल देने से न केवल टिकटों की बिक्री में वृद्धि हुई है, बल्कि जुर्माना वसूली में भी बढ़ोतरी हुई है।

टिकट रहित यात्रा की घटनाओं पर नकेल डालने के लिए नियमित रूप से औचक टिकट जांच चलाई जाती है। पू. सी. रेल के अधिकारीगण मेल, एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनों में नियमित रूप से औचक टिकट जांच अभियान चला रहे हैं। भारतीय रेल अधिनियम 1989 की धारा 137 के अनुसार बिना टिकट की यात्रा, अनुचित टिकट के साथ यात्रा अथवा बिना बुक किए गए सामानों के साथ यात्रा करना एक दंडनीय अपराध है, जिसके तहत जुर्माना अथवा जेल अथवा दोनों सजाओं का प्रावधान है।

टिकट रहित यात्रा को हतोत्साहित करने के लिए पूर्वोत्तर सीमा रेल ने टिकट जांच प्रणाली दुरुस्त किया है एवं मंडल के साथ मुख्यालय के फ्लाइंग टिकट जांच दस्ते द्वारा नियमित रूप से औचक टिकट जांच अभियान चलाए जाते हैं। स्टेशनों पर किलाबंदी टिकट जांच भी चलाई जाती है।

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