तेजपुर में अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन का आयोजन

तेजपुर

तेजपुर में अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन का आयोजन हो रहा है जिस दौरान एक सभा का भी आयोजन किया गया| डॉ. नथमल टीबड़ेवाला की अध्यक्षता में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन के संदर्भ में आयोजित सभा में अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन की स्वागत समिति के मुख्य सलाहकार नारायण शर्मा ने कहा कि वेद विश्व वांगमय की अमूल्य निधि है| भारतीय संस्कृति की गौरवगाथा वेदों से ही प्रारंभ होती है|

उन्होंने कहा कि अपने निज उदात्त सिद्धांतों के कारण भारतीय संस्कृति ने विश्वमानव को आकृष्ट किया है| उनके मूल स्रोत वेद ही है| वस्तुतः वेद के ज्ञाता ही सच्चे ज्ञानी है क्योंकि वेद में ही सब कुछ प्रतिष्ठित है| इसलिए ‘सर्व वेदे प्रतिष्ठितम’ कहा गया है| सृष्टि के प्रारंभ में परमेश्वर द्वारा वेद का प्रादुर्भाव हुआ है| वेद के द्वारा ही धर्म, भक्ति आदि की प्रवृत्तियां सिद्ध हो रही है| नवीन से नवीन अत्याधुनिक वैज्ञानिक आविष्कारों के संदर्भ सूत्र भी वेदों में दृष्टिगत होते है| इसलिए वेद सनातन है, पूर्ण है और ज्ञान-विज्ञान का आधार है|

वेदों की महिमा का बखान करते हुए नारायण शर्मा ने कहा कि भारतवर्ष के ऋषि-महाऋषियों ने पूरे विश्व में वैदिक ज्ञान के आलोक फैलाकर भारत को विश्वगुरु की ख्याति दिलाई थी|

विश्वनाथ जिले के गमीरी में आगामी 16 से 19 मार्च तक श्रीगुरु शंकराचार्य वेद विद्यालय, गमीरी तथा महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय प्रतिष्ठान के सौजन्य से गमीरी हाई स्कूल प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है| इस सम्मलेन में भारत के अलावा होलैंड, यूएस, थाईलैंड, श्रीलंका, नेपाल, जापान आदि देशों के वेदों के जानकार विद्वान अपने ज्ञानवर्द्धक विचारों से अवगत कराएंगे|

इससे साथ ही नासा के ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक ओम प्रकाश दृश्य-श्रव्य यंत्र की मदद से वेदों पर आधारित सृष्टि विज्ञान पर अपनी महत्वपूर्ण प्रस्तुति देंगे| पतंजलि संस्थान के आचार्य बालाकृष्ण 17 मार्च को कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष उदय आदित्य गोस्वामी 16 मार्च को धर्मध्वजा फेहराएंगे |

17 मार्च को वेद पूजन, वेद पाठ आदि के बाद विशिष्ट अतिथि के रूप में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के तुलनात्मक धर्म दर्शन विभाग के सहयोगी प्राध्यापक डॉ. हरी प्रसाद अधिकारी तथा थाईलैंड के वाकवेद विशेषज्ञ असम बुद्धचरण मुख्य अतिथि होंगे| सांसद राम प्रसाद शर्मा, विधायक उत्पल बोरा, अशोक सिंघल और छयद्वा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंजन कुमार ओझा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे| जर्मनी ब्रोंको सिसिक के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. स्टेफनिया लौरेंज, आलोक शर्मा दोपहर के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे|

18 मार्च को नेचर एस्ट्रोलॉजी, फेयर फील्ड अमेरिका तथा थाईलैंड के भावातीत ध्यान इयूया किरांती, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. उपेंद्र त्रिपाठी के अलावा सांसद रिपुन बोरा, ऊर्जा एवं चाय जनजाति मंत्री पल्लव लोचन दास, विधायक पद्म हजारिका उपस्थित रहेंगे| शाम 5 बजे नासा के वैज्ञानिक प्रो. डॉ. ओमप्रकाश पांडे, सृष्टि विज्ञान संबंधित दृश्य चित्र का प्रदर्शन किया जाएगा|

19 मार्च को समापन समारोह की खुली सभा के अवसर पर उत्तर कमलाबाड़ी सत्र के सत्राधिकार जनार्दन देव गोस्वामी, पतंजलि योग पीठ के योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल एवं सिंचाई मंत्री रंजित दास आदि के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से आए कई विद्वान उपस्थित रहेंगे|

अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन के दौरान आयोजित सभा में स्वागत समिति के सलाहकार ओम प्रकाश अग्रवाल तथा उपाध्यक्ष दीपक आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए| उक्त सभा में भारत विकास परिषद के अध्यक्ष विनोद पारिक, सचिव रवि तायल, मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय अधिकारी राजीव जैन, मायुमं तेजपुर शाखा के अध्यक्ष कामाख्या पारिक, नवीन अग्रवाल तथा विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता के अलावा अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: