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शर्जील इमाम बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार

भड़काऊ भाषण देने के आरोप में शर्जील पर देश द्रोह का मामला दर्ज था।

पटना

दो दिनों से तलाश कर रही दिल्ली पुलिस ने आखिरकार JNU का छात्र शर्जील इमाम sharjeel imam को  बिहार bihar के जहानाबाद  jahanabad से गिरफ्तार कर लिया गया है। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में शर्जील पर देश द्रोह का मामला दर्ज था।

असम को हिंदुस्तान से काटने का विवादित वीडियो सामने आने के बाद जेएनयू छात्र और शाहीन बाग प्रोटेस्ट के को-ऑर्डिनेटर शरजील इमाम को पुलिस सरगर्मी से तलाश रही थी । यूपी, बिहार, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में शर्जील के खिलाफ केस दर्ज  हुए थे।

शर्जील द्वरा दिया गया भाषण का अंश

गौरतलब है कि शरजील इमाम ने विवादित वीडियो में कहा था, “असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे। असम में मुसलमानों का क्या हाल है, आपको पता है क्या? CAA-NRC लागू हो चुका है वहाँ। डिटेंशन कैंप में लोग डाले जा रहे हैं और वहाँ तो खैर कत्ले-आम चल रहा है। 6-8 महीनों में पता चलेगा कि सारे बंगालियों को मार दिया गया वहाँ, हिंदु हो या मुसलमान। अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा फौज के लिए और जो भी जितना भी सप्लाई जा रहा है बंद करो उसे। बंद कर सकते हैं हम उसे, क्योंकि चिकन नेक जो इलाका है, वह मुस्लिम बहुल इलाका है।”

किसी में इतना दम नहीं है कि वह भारत को बांट सकेनितीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शर्जील की गिरफ्तारी पर कहा, ‘‘नीतीश ने कहा कि जो कोई गलत काम करेगा उसके खिलाफ कानून अपना काम करेगा। लोगों को अपनी राय रखने की आजादी है, लेकिन किसी को भी देशहित या कानून के दायरे से बाहर जाकर बयानबाजी की छूट नहीं दी जा सकती। दिल्ली पुलिस अपना काम रही है। लोग यह जान लें कि इस धरती पर किसी में इतना दम नहीं है कि वह भारत को बांट सके।’

मेरा  बेटा निर्दोष है, शर्जील की  मां

शर्जील की मां अफशां रहीम ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा, ‘‘हम कानून के रखवाले और सम्मानित परिवार से हैं। परिवार ने पीढ़ियों से देश की सेवा की है। पति जदयू के कर्मठ सिपाही थे। पिता 23 साल तक सरपंच रहे। शर्जील कभी भी देश के विभाजन की बात नहीं कर सकता। विरोधियों ने षड्यंत्र के तहत वीडियो से छेड़छाड़ कर झूठे आरोप लगाए हैं। जांच में सभी आरोपी गलत साबित होंगे। सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में जारी संघर्ष को कमजोर करने के लिए शर्जील को निशाना बनाया गया।’’

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