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त्रिपुरा में ही बसेंगे 30 हजार ब्रू शरणार्थी, मिलेगा प्‍लॉट और एफडी

इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह ने 600 करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया है....

अगरतल्ला

मिजोरम से भागकर आए और त्रिपुरा Tripura के शिविरों में रह रहे 30 हजार से अधिक ब्रू Bru शरणार्थी refugees को अब वापस जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। केंद्र, त्रिपुरा Tripura , मिजोरम Mizoram और ब्रू Bru जनजातियों के प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते के बाद अब ब्रू शरणार्थी Bru refugees को त्रिपुरा में ही बसाया जाएगा। इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह ने 600 करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया है। इस के साथ ही दो दशक पुरानी पूर्वोत्तर भारत की ब्रू जनजातियों की समस्या का समाधान निकल आया है।

समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अमित शाह ने कहा कि ब्रू जनजातियों को त्रिपुरा में घर के लिए जमीन दिया जाएगा। इसके साथ ही पांच हजार से अधिक परिवारों में से प्रत्येक परिवार के खाते में चार लाख रुपये की फिक्स्ड डिपोजिट किया जाएगा, जिसे वे दो साल बाद निकाल सकेंगे।

इसी तरह उन्हें दो साल के लिए हर महीने पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसके अलावा उन्हें प्रति व्यक्ति के हिसाब से दो साल तक खाने के लिए मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराया जाएगा। त्रिपुरा सरकार की ओर से दी गई जमीन का मालिकाना हक मिलने के बाद उन्हें डेढ़ लाख रुपये मकान बनाने के लिए दिए जाएंगे।

अमित शाह ने कहा कि 2018 में ब्रू जनजातियों के लिए इसी तरह के पैकेज के साथ मिजोरम में वापस लौटने का ऑफर किया गया था। लेकिन केवल 328 परिवार ही इसे स्वीकार करते हुए मिजोरम वापस गए।

उन्होंने कहा कि नए पैकेज में उन्हें त्रिपुरा में ही, जहां वे पिछले 23 साल से रह रहे हैं, रहने का मौका दिया जा रहा है। ब्रू जनजातियों की यही मांग रही है। उन्होंने कहा कि अब मिजोरम में होने वाले चुनाव के लिए त्रिपुरा में ब्रू जनजातियों के लिए शिविरों में मतदान केंद्र नहीं खोलने होंगे, बल्कि वे अब त्रिपुरा के निवासी माने जाएंगे और वहीं अपना मतदान कर सकेंगे।

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