असम जनसंख्या एवं महिला सशक्तिकरण मसौदे की घोषणा, तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगा पेंशन  

गुवाहाटी

असम जनसंख्या एवं महिला सशक्तिकरण मसौदे में राज्य की तलाकशुदा महिलाओं को कौशल विकास के जरिए रोजगार और पेंशन की व्यवस्था प्रदान करने की बात कही गई है| गुरुवार को सोनोवाल सरकार ने असम जनसंख्या एवं महिला सशक्तिकरण नीति के संबंध में तैयार मसौदे की घोषणा की|

हालांकि तलाकशुदा महिलाओं के संबंध में इस प्रस्ताव को आगामी असम विधानसभा सत्र में पास कर कानून की शक्ल देने में कुछ समय लग सकता है|

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने अल्पसंख्यक समाज में अपनी पैठ बनाने के उद्देश्य से मुस्लिम समुदाय की तलाकशुदा महिलाओं को पेंशन देने की दिशा में कदम बढ़ाया है| प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि तलाक के बाद महिलाओं का जीना दूभर हो जाता है| उनके जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से असम सरकार ने उन्हें भी विधवा पेंशन की तरह पेंशन देने का प्रस्ताव लिया है|

हालांकि इनके साथ ही जिन महिलाओं को पति ने छोड़ दिया है, जो अकेली रहती है और जो वृद्ध हो गई हैं उन्हें भी वृद्धावस्था पेंशन दिया जाएगा| इसके लिए आगामी अगस्त महीने में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान इस मसौदे को सदन में पास करवा कर इन महिलाओं की मदद की जाएगी|

महिलाओं के भविष्य को संवारने के लिए इस मसौदे में शादी के बाद विभिन्न मुद्दों को लेकर घरेलु हिंसा की शिकार महिलाओं, पति द्वारा छोड़े जाने, बलात्कार व महिलाओं से संबंधित अन्य समस्याओं के मद्देनजर दोषियों को सबक सिखाने के लिए एक कानून बनाने का भी प्रस्ताव है|

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