मणिपुर विधान सभा चुनाव- भाजपा और कांग्रेस आमने सामने

मणिपुर

मणिपुर विधान सभा चुनाव में अपने अपनी जीत हासिल करने के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस और सब से बड़ी विरोधी दल भाजपा अब पूरी तयारी के साथ आमने सामने आ गए हैं.  बीजेपी ने करीब 3 महीने से आर्थिक नाकेबंदी झेल रहे राज्य मणिपुर को आने वाले समय में नाकेबंदी मुक्त बनाने के लिए राजमार्ग सुरक्षा बल के गठन पर जोर दिया है. पार्टी ने अपने विजन डॉक्युमेंट में यह बात कही है.

केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह और बीजेपी महासचिव राम माधव ने 24 पेज का विजन डॉक्युमेंट 2017 जारी किया. पार्टी ने वादा किया है कि वह मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता, संस्कृति और लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

बता दें कि मणिपुर में सात नए जिले बनाए जाने के विरोध में यूनाइटेड नगा कौंसिल (यूएनसी) द्वारा एक नवंबर, 2016 से की गई आर्थिक नाकेबंदी के बाद बीजेपी ने राजमार्ग सुरक्षा बल का प्रस्ताव अपने विजन डॉक्युमेंट में शामिल किया है. इसके अलावा बीजेपी ने फर्जी मुठभेड़ और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और दोषियों को दंडित करने का वादा किया है.

उधर मणिपुर में जारी आर्थिक नाकेबंदी और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर लोगों की आशंकाओं के बीच कांग्रेस राज्य में लगातार चौथी बार सत्ता में आने को लेकर आश्वस्त है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि ” हम  राज्य में दो तिहाई बहुमत से जीतेंगे , लोगों को भाजपा की रणनीति बहुत अच्छे से समझ में आ चुकी है,  इस नाकेबंदी का आह्वान करने वालों से वह मिली हुई है और मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा है.’

लेकिन मौजूदा जिलों को विभाजित कर और सदर हिल्स जिले को पूर्ण जिला बनाने के फैसले के एलान के साथ इबोबी सिंह सरकार ने भाजपा के लिए बाजी ही पलट दी है.  सदर हिल्स को पूर्ण जिले का दर्जा देकर उन्होंने पहाड़ी आदिवासियों को आंशिक रूप से बांट दिया तो वहीं संयुक्त नगा परिषद की आर्थिक नाकेबंदी से भी कांग्रेस को ही फायदा पहुंचा है और इसके साथ ही प्रभावी मैती (मणिपुरी) समुदाय के तीन महीने से जारी आर्थिक नाकेबंदी को लेकर गुस्से का फायदा भी उसे मिलने की उम्मीद है.

मणिपुर विधानसभा की 60 सीटों के लिए दो चरणों में चार और आठ मार्च को मतदान होगा।

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