अरुणाचल प्रदेश की सीमा में चीन की सैन्य तत्परता

ईटानगर

अतिक्रमण की मानसिकता से इस बार पड़ोसी देश चीन ने अरुणाचल सीमा को लक्ष्य पर लेते हुए व्यापक सैन्य तत्परता शुरू की है| सिक्किम-तिब्बत सीमावर्ती डोकालाम में सीमा उल्लंघन कर खड़ी की गई युद्ध जैसी परिस्थिति के 20 दिन बाद चीन न केवल अरुणाचल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक आगे बढ़ आया है बल्कि सीमा के उस पार पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के कई बटालियन भी स्थापित किए है|

सिक्किम को लेकर भारतीय सेना की व्यस्तता के बीच ही नई दिल्ली पर दबाव डालने के उद्देश्य से बीते 48 घंटे में अरुणाचल प्रदेश के मासुक और बुमला सीमा के बिलकुल नजदीक पहुंचकर चीनी सेना ने भारतीय सेना को चिंता में डाल दिया है| सेना सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, सिक्किम के डोकालाम में सीमा उल्लंघन से पूर्व बीते मई महीने में बुमला सीमा से चीनी सेना ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा का तकरीबन 200 मीटर अतिक्रमण किया था| भारतीय सेना की तरफ से इस बारे में चीन को चेतावनी दी गई थी, लेकिन संपूर्ण युद्ध की मानसिकता से चीनी सेना अब लगातार सीमा उल्लंघन कर रही है|

बुमला सीमा की ही तरह बीते समय में मासुक सीमा में भी चीन ने बड़े पैमाने पर अपने सैनिक जमा किए है| यहाँ तक कि चीन ने पासीघाट को लक्ष्य पर लेते हुए सीमा में वृहद बंकर का निर्माण किया है| सिक्किम को लेकर चीन द्वारा शुरू युद्ध सरीखे परिस्थिति को और उत्तेजित करने के लिए अरुणाचल सीमा में सैनिक जमा करने के साथ ही चीन भारत महासागर तक अपने पनडुब्बी ले आया है| यहाँ तक कि इन पनडुब्बियों के सहयोग के लिए भारत महासागर के सीमा में चीन के 14 लड़ाकू विमान विचरण कर रहे हैं|

हालांकि अरुणाचल प्रदेश की सीमा में चीनी सैनिकों की हरकतों को लेकर भारतीय सेना तत्पर हो उठी है| तेजपुर स्थित सेना का फॉर कोर मुख्यालय भारतीय सेना की समग्र तैयारियों का नेतृत्व कर रहा है| किसी भी समय किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए फॉर कोर मुख्यालय तैयार है| सूत्र के मुताबिक अगले 24 घंटों में भारतीय सेना के भी मासुक और बुमला सीमा में पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ने की संभावना है|

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