असम के भार्गव सैकिया की फिल्म ‘बोक्शी’ अक्टूबर में होगी रिलीज
असम के फिल्मकार भार्गव सैकिया की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित लोक-हॉरर फिल्म 'बोक्शी' 9 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इससे पहले फिल्म का प्रदर्शन दुनिया के कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में हो चुका है।

गुवाहाटी- असम Assam के फिल्मकार भार्गव सैकिया Bhargav Saikia की पहली फीचर फिल्म ‘बोक्शी’ BOKSHI आगामी 9 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सिक्किम की पृष्ठभूमि पर आधारित इस लोक-हॉरर फिल्म ने भारत में रिलीज से पहले ही दुनिया के कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
स्वतंत्र रूप से निर्मित ‘बोक्शी’ का वर्ल्ड प्रीमियर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल रॉटरडैम (IFFR) 2025 में हुआ था। इसके बाद फिल्म का प्रदर्शन स्पेन के सिट्जेस इंटरनेशनल फैंटास्टिक फिल्म फेस्टिवल, स्विट्जरलैंड के न्यूशातेल इंटरनेशनल फैंटास्टिक फिल्म फेस्टिवल तथा ऑस्ट्रेलिया के SXSW सिडनी सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शैली (Genre) फिल्म समारोहों में किया गया। निर्माताओं के अनुसार, वर्ष 2025 में इन प्रतिष्ठित समारोहों में प्रदर्शित होने वाली यह एकमात्र भारतीय फीचर फिल्म रही।

फिल्म के निर्देशक एवं निर्माता भार्गव सैकिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों की सफल यात्रा के बाद अब भारतीय दर्शकों तक फिल्म को पहुंचाने को लेकर पूरी टीम उत्साहित है। उन्होंने बताया कि ‘बोक्शी’ विशेष रूप से युवा दर्शकों के लिए बनाई गई एक ऐसी हॉरर फिल्म है, जिसका वास्तविक अनुभव बड़े पर्दे पर ही लिया जा सकता है।
असम के बिश्वनाथ जिले से ताल्लुक रखने वाले भार्गव सैकिया वर्तमान में मुंबई में रहकर फिल्म निर्माण कर रहे हैं और लोरियन मोशन पिक्चर्स के संस्थापक हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘काफिरों की नमाज़’ के निर्माता के रूप में की थी। इसके अलावा उनकी लघु फिल्म ‘अवेकनिंग्स’ और ‘द ब्लैक कैट’ को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। ‘द ब्लैक कैट’ को वर्ष 2018 के क्रिटिक्स चॉइस शॉर्ट फिल्म अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ फिक्शन फिल्म श्रेणियों में नामांकन भी मिला था। ‘बोक्शी’ उनके निर्देशन में बनी पहली फीचर फिल्म है।

फिल्म की कहानी नवोदित लेखक हर्ष वैभव ने लिखी है। कहानी अनाहिता नाम की एक किशोरी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी स्कूल यात्रा के दौरान एक प्राचीन रहस्य और लोककथा से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं। मिथक और वास्तविकता के बीच उलझती यह कहानी उसे ऐसे रहस्य का सामना करने के लिए मजबूर करती है, जो उसकी पूरी दुनिया बदल देता है। हर्ष वैभव ने कहा कि यह फिल्म शक्ति, विश्वास और उन कथाओं की पड़ताल करती है, जो समाज और व्यक्ति की सोच को आकार देती हैं।
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फिल्म में प्रसन्ना बिष्ट, मानसी मुल्तानी और सिद्धार्थ शॉ मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि वरिष्ठ अभिनेत्री शेरनाज़ पटेल ने शीर्षक पात्र को अपनी आवाज़ दी है। फिल्म हिंदी, अंग्रेज़ी और नेपाली भाषाओं में बनाई गई है। इसके अलावा इसमें ‘बोक्सिरिट’ नाम की एक काल्पनिक भाषा का भी प्रयोग किया गया है, जिसे विशेष रूप से इस फिल्म के लिए प्रसिद्ध डच भाषाविद् जान वान स्टीनबर्गेन ने विकसित किया। निर्माताओं के अनुसार, ‘बाहुबली’ के बाद यह दूसरी भारतीय फीचर फिल्म है, जिसमें पूरी तरह विकसित काल्पनिक भाषा का उपयोग किया गया है।
‘बोक्शी’ की एक और विशेषता यह है कि इसमें भारी-भरकम कंप्यूटर जनित दृश्य प्रभाव (CGI) पर निर्भर रहने के बजाय वास्तविक लोकेशन और प्रैक्टिकल इफेक्ट्स का उपयोग किया गया है।
फिल्म की शूटिंग सिक्किम के घने जंगलों में लगभग 80 दिनों तक की गई, जिससे इसकी रहस्यमयी और मनोवैज्ञानिक हॉरर शैली को और अधिक प्रभावशाली बनाया गया है। फिल्म के छायाकार ए. वसंत, संपादक हिमांशु सैकिया, साउंड डिज़ाइनर धिमान कर्माकर, संगीतकार अद्वैत नेमलेकर हैं, जबकि भारत में इसके वितरण की जिम्मेदारी सेतुमाधवन नपन संभाल रहे हैं।








