Assam-Arunachal Pradesh सीमा पर गोलीबारी, 18 लोग घायल; चार की हालत गंभीर
धेमाजी के मिंगमांग इलाके में कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद के बाद गोलीबारी हुई। 18 लोग घायल हुए, जिनमें चार की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच बातचीत से स्थिति लगभग नियंत्रण में है।

गुवाहाटी- असम और अरुणाचल Assam-Arunachal Pradesh प्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद Border dispute ने सोमवार को एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। असम के धेमाजी जिले के मिंगमांग इलाके में कथित जमीन अतिक्रमण को लेकर हुए विवाद के बाद गोलीबारी में कम से कम 18 लोग घायल हो गए। इनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना गोगामुख रेवेन्यू सर्कल के अंतर्गत मिंगमांग बस्ती में हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा, जिसके बाद कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा गोलीबारी किए जाने का आरोप है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।
घायलों को शुरुआती उपचार के लिए गो गामुख ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया है। प्रमुख रिपोर्टों में घायलों की संख्या 18 बताई गई है, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में यह संख्या अलग-अलग रही थी।
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घटना में घायल लोगों में दुर्गेश्वर पातिर, रोहित डोले, नागराज डोले, बिग्गेश्वर पातिर, पामे पेगू, संजय तायुंग, उत्पल डोले और जान डोले समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया ‘स्थानीय संघर्ष’
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घटना को स्थानीय संघर्ष बताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर पर बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू भी अरुणाचल प्रदेश के अपने समकक्षों के संपर्क में हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, स्थिति अब लगभग नियंत्रण में है और विवाद को सुलझाने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने असम पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया कि असम की जमीन का एक इंच भी नहीं खोया जाना चाहिए। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
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800 किलोमीटर लंबी सीमा और पुराना विवाद
असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच करीब 800 किलोमीटर लंबी अंतर-राज्यीय सीमा है। दोनों राज्यों के बीच सीमा को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है। विवाद का एक बड़ा हिस्सा उन क्षेत्रों से जुड़ा है जहां दोनों पक्ष जमीन और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर अलग-अलग दावे करते रहे हैं।
हालांकि, दोनों राज्यों ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए हैं। 2023 में सीमा विवाद के समाधान की दिशा में एक समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद कुछ संवेदनशील इलाकों में स्थानीय स्तर पर जमीन और कथित अतिक्रमण को लेकर तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं।
मिंगमांग की ताजा घटना इसी जटिल सीमा विवाद की संवेदनशीलता को सामने लाती है। एक ओर दोनों राज्य सरकारें बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर जमीन से जुड़े विवाद अब भी कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में तनाव को कम करना और दोबारा हिंसा रोकना है। घटना की जांच जारी है और दोनों राज्यों के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।








