असम बाढ़: मौत का आंकड़ा 78 पहुंचा, 3 लाख से ज्यादा लोग अभी भी प्रभावित
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मृतकों के परिवारों के लिए 9 लाख रुपये की अनुग्रह राशि घोषित की है, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनिवार्यता को हटा दिया गया है। सर्कल ऑफिसर का प्रमाण-पत्र पर्याप्त होगा।

गुवाहाटी — असम में मानसून की बाढ़ Assam Flood ने कहर बरपाया हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस साल की बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है ( 78 killed ) , जबकि अभी भी 3,00,031 लोग सात जिलों में बाढ़ की चपेट में हैं ( 3 lak affected ) ।
पिछले 24 घंटों में शिवसागर और गोलाघाट जिलों में तीन और मौतें हुई हैं। इससे पहले मंगलवार को शिवसागर के नजीरा इलाके में सात लोगों की जान गई थी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मृतकों के परिवारों के लिए 9 लाख रुपये की अनुग्रह राशि घोषित की है, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनिवार्यता को हटा दिया गया है। सर्कल ऑफिसर का प्रमाण-पत्र पर्याप्त होगा।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
वर्तमान में शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, बिश्वनाथ और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें 21 राजस्व सर्कल और 551 गांव अभी भी जलमग्न हैं। चराइदेव सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है, जहां 1.37 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। इसके बाद शिवसागर (84,600) और जोरहाट (49,911) का नंबर है।
इसे भी पढ़ें- VIRAL- लबालब सड़कें, छिपे गड्ढे और मुश्किल में लोग… मदद के लिए आया ‘भिवंडी का Spider-Man’
21,523 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी पानी में डूबा हुआ है। सड़कें कीचड़ से भरी हुई हैं, कई इलाकों में घरों में मिट्टी भर गई है, जिससे लोग घरों में लौटने में असमर्थ हैं।
राहत और बचाव कार्य
प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
- 71 राहत शिविरों में 16,500 से ज्यादा विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं।
- 30 राहत वितरण केंद्रों के जरिए 72,000 से अधिक लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है।
सेना, वायुसेना, NDRF, SDRF, फायर सर्विस और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर बचाव व राहत अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से घट रहा है, लेकिन नुकसान की तीव्रता बहुत अधिक है। प्रभावित चार जिलों में गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को 15,000 रुपये की अंतरिम राहत दी जा रही है। CM रिलीफ फंड में 26 करोड़ रुपये से ज्यादा का donation आ चुका है।
इसे भी पढ़ें- असम के उद्योगपति रतन शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 15 लाख रुपये
क्षति का विस्तृत आकलन 3 अगस्त से शुरू होगा। IMD ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे नए जलजमाव और फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है।
असम की इस बाढ़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे इलाकों को हर साल इस प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार और केंद्र की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
राहत सामग्री और मदद के लिए लोग CM रिलीफ फंड या स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।








