असम की सुलक्षणा बरुआ अमित राय की फिल्म ‘ओह माय डॉग’ से करेंगी बॉलीवुड में पदार्पण
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता असमिया अभिनेत्री एवं फिल्म निर्माता सुलक्षणा बरुआ निर्देशक अमित राय की फिल्म 'ओह माय डॉग' से बॉलीवुड में पदार्पण कर रही हैं। यह फिल्म 7 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

गुवाहाटी- राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता असमिया अभिनेत्री एवं फिल्म निर्माता सुलक्षणा बरुआ निर्देशक अमित राय की आगामी हिंदी फीचर फिल्म ‘ओह माय डॉग’ के साथ बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखने जा रही हैं। यह फिल्म 7 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
अमित राय द्वारा निर्देशित ‘ओह माय डॉग’ एक भावनात्मक पारिवारिक फिल्म है, जिसकी कहानी एक छोटे बच्चे और एक आवारा कुत्ते के बीच विकसित होने वाले अनोखे रिश्ते पर आधारित है। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, पवन मल्होत्रा, गीता अग्रवाल शर्मा, राजेश कुमार, माही राय और सुलक्षणा बरुआ प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म करुणा, मित्रता और इंसान तथा पशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव जैसे विषयों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।
सुलक्षणा बरुआ ने असमिया सिनेमा में अभिनेत्री और निर्माता दोनों रूपों में अपनी अलग पहचान बनाई है। मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास मीडिया की पढ़ाई और प्राग स्थित FAMU से फिल्म निर्माण की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘अदोम्य’ से की।
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इसके बाद ‘माज राति केतेकी’, ‘अनुनाद’ और ‘रादोर पाखी’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली। उनकी कई फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शित हो चुकी हैं, जबकि ‘माज राति केतेकी’ और ‘अनुनाद’ को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए।
अभिनय के अलावा सुलक्षणा ने एक निर्माता के रूप में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके द्वारा निर्मित ‘मिशिंग’ और ‘सिकाइसिल’ जैसी फिल्मों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। ये फिल्में क्षेत्रीय भाषाओं और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
अपने बॉलीवुड पदार्पण पर सुलक्षणा बरुआ ने कहा कि ‘ओह माय डॉग’ जैसी फिल्म से हिंदी सिनेमा में शुरुआत करना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने निर्देशक अमित राय के रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि पंकज त्रिपाठी, पवन मल्होत्रा और गीता अग्रवाल शर्मा जैसे अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए सीखने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह असमिया सिनेमा से मिली सीख को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती हैं और भविष्य में भी सार्थक कहानियों का हिस्सा बनकर उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती रहेंगी।
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सुलक्षणा बरुआ ने अभिनय और निर्माण के अलावा भारतीय सिनेमा में एक सक्रिय सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। वह कान फिल्म महोत्सव सहित कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भाग ले चुकी हैं, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) की प्रीव्यू कमेटी की सदस्य रह चुकी हैं तथा विभिन्न फिल्म समारोहों में ज्यूरी सदस्य की भूमिका भी निभा चुकी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि सुलक्षणा बरुआ का बॉलीवुड पदार्पण केवल उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि नहीं, बल्कि असम और उत्तर-पूर्व भारत के कलाकारों की मुख्यधारा के भारतीय सिनेमा में बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक है। ‘ओह माय डॉग’ के माध्यम से वह राष्ट्रीय दर्शकों के बीच अपनी नई पहचान बनाने जा रही हैं, जबकि उनकी सांस्कृतिक जड़ों और सार्थक सिनेमा के प्रति प्रतिबद्धता उनकी पहचान का प्रमुख आधार बनी हुई है।








