NORTHEAST

Manipur में अवैध हथियार जमा करने के लिए 15 दिन की मोहलत, CM खेमचंद सिंह ने दी सख्त चेतावनी

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने पहाड़ और घाटी दोनों क्षेत्रों में अवैध हथियार रखने वालों से 15 दिनों के भीतर हथियार जमा करने को कहा है। DGP के मुताबिक फरवरी से अब तक 1,422 आग्नेयास्त्र, 7,000 से अधिक कारतूस और 1,137 विस्फोटक बरामद हुए हैं।

मणिपुर Manipur में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिशों के बीच राज्य सरकार ने अवैध हथियारों के Illegal Arms खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि पहाड़ी और घाटी, दोनों क्षेत्रों में अवैध हथियार रखने वाले लोग 15 दिनों के भीतर अपने हथियार जमा करें। निर्धारित समय सीमा के बाद हथियार मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा इम्फाल के 1st Battalion Manipur Rifles Parade Ground में आयोजित “Display on the Initiatives towards bringing Normalcy in Manipur” कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि हथियार संबंधित व्यक्ति अपने क्षेत्र के विधायक (MLA) या पुलिस अधीक्षक (SP) के माध्यम से जमा कर सकते हैं।

खेमचंद सिंह ने कहा कि 3 मई 2023 से शुरू हुए संकट ने राज्य के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उनके अनुसार, 4 फरवरी 2026 को नई सरकार के गठन के बाद विभिन्न जिलों में शांति और संवाद की दिशा में आउटरीच कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को स्थिर करने के प्रयास किए गए।

फरवरी से अब तक 1,422 हथियार बरामद

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने 5 फरवरी 2026 से अब तक 1,400 से अधिक हथियार बरामद किए हैं।

पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह ने कार्यक्रम में बताया कि फरवरी से अगस्त 2026 के बीच मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों में 1,422 आग्नेयास्त्र, 7,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद और 1,137 विस्फोटक बरामद किए गए।

DGP के मुताबिक इसी अवधि में 491 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने के उद्देश्य से राज्य पुलिस ने एंटी-नारकोटिक्स अभियान भी मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने हथियारों और गोला-बारूद की इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी के लिए DGP मुकेश सिंह, BSF, असम राइफल्स (साउथ), CRPF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों के प्रयासों की सराहना की।

शांति प्रयासों पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने संकट के बाद उन क्षेत्रों में भी पहुंचने और संवाद स्थापित करने की कोशिश की है, जहां पहले जाना संभव नहीं था।

उन्होंने अपने जिरीबाम दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उन्होंने हमार, पाइते, मैतेई और मैतेई पंगल समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उनके अनुसार, साथ बैठकर भोजन करने और बातचीत से आपसी विश्वास की कमी को कम करने में मदद मिली तथा सभी पक्षों ने शांति के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

सरकार का कहना है कि अवैध हथियारों की बरामदगी और उन्हें जमा करने की अपील राज्य में हिंसा के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर उगाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई

कार्यक्रम में राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर परिवहनकर्ताओं से कथित उगाही, धमकी और उत्पीड़न को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल संगठनों या व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्री ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर उगाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की संभावना पर भी काम कर रही है।

यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के साथ-साथ सड़क संपर्क और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना भी सरकार की प्रमुख चुनौतियों में शामिल है।

सरकार के सामने चुनौती सिर्फ हथियारों की नहीं

अवैध हथियार जमा करने की 15 दिन की समयसीमा सरकार के शांति प्रयासों को एक स्पष्ट प्रशासनिक दिशा देती है। हालांकि, हथियारों की बरामदगी के आंकड़े यह भी बताते हैं कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

सरकार अब एक ओर हथियारों की बरामदगी और आत्मसमर्पण पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न समुदायों के बीच संवाद, राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को भी सामान्य स्थिति बहाल करने की रणनीति का हिस्सा बना रही है।

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, 15 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे आने वाले दिनों में यह महत्वपूर्ण होगा कि कितने हथियार स्वेच्छा से जमा किए जाते हैं और सुरक्षा एजेंसियां अवैध हथियारों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आगे क्या कदम उठाती हैं।

WATCH VIDEO OF DEKHO NORTHEAST

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button