कोकराझाड़
By Rinoy Basumatary
तीरंदाजी में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता अंजली ब्रह्म ने राज्य सरकार, बीटीसी प्रबंधन और खेल प्रबंधन से उनकी मदद करने की गुहार लगाई है| अंजली एक बेहद ही गरीब परिवार से है जिस वजह से उन्हें तीरंदाजी का खेल बीच में ही छोड़ना पड़ रहा है| अंजली कोकराझाड़ के मुख्य शहर से 3 किलोमीटर दूर चोट्टो गेंद्राबिल इलाके की निवासी है|
अंजली ब्रह्म ने कुल 36 पदक जीते हैं जिनमें 18 स्वर्ण, 8 रजत और 10 कांस्य पदक शामिल है| इसके अलावा दिल्ली, छत्तीसगढ़, जयपुर, मध्यप्रदेश, भोपाल, मेघालय, औरंगाबाद, आंध्र प्रदेश आदि विभिन्न राज्यों में तीरंदाजी के खेल में हिस्सा लेकर अंजली असम और बीटीसी का नाम रौशन कर चुकी है|
पत्रकारों से बात करते हुए अंजली ने कहा कि उनके परिवार की खराब आर्थिक दशा की वजह से वे 2014 से ही तीरंदाजी के खेल में हिस्सा नहीं ले पा रही है और अब परिस्थिति ऐसी है कि उन्हें हमेशा के लिए तीरंदाजी छोड़नी पड़ेगी|
अंजली ने कहा, “मैंने छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, जयपुर, औरंगाबाद, भोपाल आदि विभिन्न राज्यों में तीरंदाजी के राष्ट्रित खेलों में हिस्सा लिया और कुल 36 पदक जीते| 2012-13 को छत्तीसगढ़ में 20 वें सहारा सीनियर इंडियन राउंड नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में 3 स्वर्ण पदक, मेघालय में एक स्वर्ण पदक और झारखंड में आयोजित 34 वें राष्ट्रीय खेलों में रजत पदक जीता|”
उन्होंने कहा कि 2012-13 में छत्तीसगढ़ में आयोजित 20 वें सहारा सीनियर इंडियन राउंड नेशनल आर्चरी चैंपियनशिपके बाद उन्हें दिल्ली में सीआरपीएफ की नौकरी के लिए इंटरव्यू में बुलाया गया था| उन्होंने इंटरव्यू दिया और उनका नाम टॉप लिस्ट में भी आया, लेकिन नियुक्ति के समय उन्हें कॉल लैटर नहीं मिला| उन्होंने बीटीसी में भी नौकरी के लिए काफी प्रयास किया लेकिन काम नहीं बना| इसी वजह से उन्होंने तीरंदाजी का खेल छोड़ दिया|
अंजली ने कहा कि उनके पिता तीरंदाजी में उनका भरपूर समर्थन करते थे और इसीलिए राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने के लिए उनके पिता ने कई लोगों से पैसे उधार लिए थे| अभी भी उधार की रकम चुकाना बाकी है|
अंजली ने असम सरकार, बीटीसी प्रशासन और खेल प्रबंधन से गुहार लगाई है कि अगर उन्हें कोई नौकरी दिलाई जाती है तो वे अपना खेल जारी रख सकेगी और साथ ही अपने परिवार की देखभाल भी कर सकेगी | उन्हें पूरा भरोसा है कि तीरंदाजी में वह और भी कई स्वर्ण पदक लेकर आएगी|
चोट्टो गेंद्राबिल के प्रसिद्ध फूटबॉलर नीरेंद्र बसुमतारी ने भी केंद्र सरकार, राज्य सरकार और बीटीसी प्रशासन से अंजली ब्रह्म को नौकरी दिलाकर उनकी मदद करने की अपील की है|