जियो JIO ने FY26 में दायर किए 3,476 पेटेंट, रोज़ाना लगभग 10 नए आविष्कारों का दावा
रिलायंस इंडस्ट्रीज Reliance Industries की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, जियो JIO ने FY26 में 3,476 नए पेटेंट दायर किए। कंपनी का अनुसंधान एवं विकास (R&D) खर्च बढ़कर ₹4,682 करोड़ पहुंच गया है।

मुंबई- रिलायंस इंडस्ट्रीज Reliance Industries और उसकी डिजिटल इकाई जियो JIO प्लेटफॉर्म्स ने अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जियो ने 3,476 नए पेटेंट आवेदन दायर किए, जो औसतन प्रतिदिन लगभग 10 पेटेंट के बराबर है।
रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा कुल 6,817 पेटेंट आवेदन दायर किए जा चुके हैं। इनमें 2,393 आवेदन भारत में और 4,424 विदेशी न्यायक्षेत्रों में दाखिल किए गए हैं। कुल आवेदनों में से 1,009 पेटेंट को वैश्विक स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें भारत में 538 और विदेशों में 471 पेटेंट शामिल हैं।
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कंपनी ने कहा कि जियो की बौद्धिक संपदा रणनीति का केंद्र 5G, 6G, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डीप लर्निंग, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और स्वदेशी डिजिटल तकनीकों का विकास है। पेटेंट पोर्टफोलियो में मल्टी-यूजर फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA), जियोब्रेन (JioBrain) और AI आधारित समाधान प्रमुख हैं।
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, FY25 में जियो ने 1,654 पेटेंट आवेदन दायर किए थे, जबकि FY24 में यह संख्या 1,255 थी। FY26 में पेटेंट फाइलिंग में आई तेज वृद्धि कंपनी के अनुसंधान और तकनीकी विकास पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है।
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रिलायंस की ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) इकाई ने भी 55 से अधिक देशों में 2,527 पेटेंट आवेदन दायर किए हैं, जिनमें से 1,177 पेटेंट स्वीकृत हो चुके हैं। ये पेटेंट सर्कुलर इकोनॉमी, बायो-इनोवेशन, ग्रीन हाइड्रोजन और जिम्मेदार रसायन विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस का कुल अनुसंधान एवं विकास (R&D) खर्च ₹4,682 करोड़ रहा, जिसमें ₹3,317 करोड़ पूंजीगत व्यय और ₹1,365 करोड़ राजस्व व्यय शामिल है। यह FY25 के ₹4,185 करोड़ की तुलना में लगभग 11.9 प्रतिशत अधिक है।
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कंपनी ने अपने अनुसंधान कार्यक्रमों को छह प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित किया है, जिनमें सर्कुलर इकोनॉमी, बायो-इनोवेशन, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, जिम्मेदार रसायन विज्ञान और डिजिटल सेवाएं शामिल हैं।
रिलायंस के पास वर्तमान में 1,000 से अधिक वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और विशेषज्ञों की टीम है, जो इन-हाउस अनुसंधान और तकनीकी विकास को आगे बढ़ा रही है। कंपनी ने अपने पेटेंट पोर्टफोलियो के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक संरचित बौद्धिक संपदा (IP) ढांचा भी विकसित किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस और जियो प्लेटफॉर्म्स को वर्ष 2025 में बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें IAM IPBC Asia Awards 2025 में Asia IP Elite सम्मान तथा CII Industrial Intellectual Property Awards 2025 में जियो प्लेटफॉर्म्स को ‘बेस्ट पेटेंट पोर्टफोलियो’ श्रेणी में रनर-अप पुरस्कार शामिल है।








