उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार की घोषणा, 66 कलाकारों में असम की मृदुस्मिता दास भी शामिल

By Rashmi Rekha Bhuyan/nesamachar

गुवाहाटी- नई दिल्ली स्थित संगीत नाटक अकादमी ने वर्ष 2013-14 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार की घोषणा कर दी है। विभिन्न क्षेत्रों में देशभर के 66 युवा कलाकारों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। नृत्य के क्षेत्र में 16 कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा जिनमें असम की मृदुस्मिता दास भी शामिल है। उन्हें सत्रिया नृत्य में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।

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अजंता दास और द्विजेन दास की बेटी तथा पद्मपानी बोरा की पत्नी गुवाहाटी की जू रोड निवासी मृदुस्मिता दास इस सम्मान से बेहद खुश है। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और ससुरालवालों को दिया है। मृदुस्मिता का कहना है कि दोनों ही घरों ने हमेशा उनका हर कदम पर भरपूर साथ दिया है।

असम वैली से पढ़ाई की शुरुआत करने वाली मृदुस्मिता ने नयी दिल्ली से स्नातक और स्नातोकोत्तर की डिग्री हासिल की और जेएनयू से पीएचडी कर रही है। उन्होंने 1996 से 1998 तक गुरु भुवन बोरा से सत्रिया नृत्य का प्रशिक्षण लिया। 1999 में वे गुरु रामकृष्ण तालुकदार की छत्रछाया में सत्रिया नृत्य प्रशिक्षण के लिए नर्तन कला निकेतन में दाखिल हुई। अपनी गुरु इंदिरा पी पी बोरा के सानिध्य में साल 2013 में उन्होंने भरत नाट्यम में ‘अरेंगात्रम’ का बेहतरीन प्रदर्शन किया। 2003 में उत्तर लखीमपुर के संखा टॉकीज़ में, 2005 में शिवसागर नाट्य मंदिर तथा उसी साल नई दिल्ली के प्रगति मैदान में असम दिवस के मौके पर सत्रिया नृत्य कला प्रस्तुत कर काफी वाह-वाही लूटी। 2005 में ही राष्ट्रीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में गुरु रामकृष्ण तालुकदार के साथ उन्होंने सत्रिया नृत्य पेश किया।

कटक में 5वीं बाराबाती नृत्य सभा और बालियात्रा महोत्सव में भी उन्होंने परफॉर्म किया। असम में भी कई मौकों पर वे अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत चुकी है। महज़ देश में ही नहीं विदेशों में भी मृदुस्मिता दास ने अपना परचम लहराया है। वेल्स, एडिनबर्ग और बीजिंग में भी वे सत्रिया नृत्य के जरिये काफी प्रसिद्धि हासिल कर चुकी है।

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एक युवा कलाकार के तौर पर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत  NEZCC भी उन्हें पुरस्कार से नवाज चुका है।

दूरदर्शन के पीपीसी प्रोग्राम में भी सत्रिया नृत्य प्रस्तुत कर चुकी मृदुस्मिता दास महज एक अच्छी कलाकार ही नहीं है बल्कि कला को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय कार्य भी कर रही है। 2013 से वे सृजन असम ट्रस्ट नामक संस्था चला रही है जो न केवल उभरते हुए कलाकारों को प्रोत्साहित करता है बल्कि जरूरतमंद छात्रों को स्कालरशिप भी प्रदान करता है।

हाल ही में असम के राज्यपाल भी इस ट्रस्ट का दौरा कर चुके है। बता दें कि इस ट्रस्ट ने पहली बार मोघाई ओझा पुरस्कार  भी शुरू किया है और पहले साल में 3 विशिष्ठ व्यक्तियों को यह सम्मान दिया गया है।

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित होने जा रही मृदुस्मिता आगे भी अपनी प्रतिभा से राज्य का नाम रौशन करने की उम्मीद रखती है। देश के 66 चयनित कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित होने जा रहे विशेष कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष द्वारा इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुरस्कार के तौर पर सभी कलाकारों को 25000 रुपये दिए जाएंगे।

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