दलित छात्र रोहित वेमुला के खुदकुशी का सच ?

नई दिल्ली

हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में  पीएचडी कर रहे एक दलित छात्र रोहित वेमुला द्वारा  रविवार रात फांसी लगाकर खुदकुशी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रोहित वेमुला उन पांच दलित छात्रों में से एक थे, जिन्हें कुछ दिनों पहले हॉस्टल से निकाल दिया गया था। 25 साल के रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई सहित कई जगहों पर स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं।

Rohit Vemula
Rohit Vemula

इस मामले में केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और यूनिवर्सिटी के वीसी अप्पा राव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। छात्रों का आरोप है कि केंद्रीय बंडारू दत्तात्रेय की चिट्ठी के बाद ही दलित छात्र के सस्पेंड किया गया

उधर डारू दत्तात्रेय ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व यूनिवर्सिटी का माहौल खराब करने में लगे थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी को इस बारे में कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखी थी। उनकी चिट्ठी में सूइसाइड करने वाले छात्र को लेकर कुछ नहीं था।

वहीं, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यों की टीम को भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर वह इस बारे में बयान देंगी।

दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन

सोमवार शाम को छात्रों ने इस घटना के विरोध में दिल्ली में मानव संसाधन मंत्रालय के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस को छात्रों को काबू में करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं हैदराबाद यूनिवर्सिटी में छात्र संगठन भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और माहौल बेहद तनावपूर्ण है। माहौल को देखते हुए वहां भी भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने वेमुला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए लेने पहुंची पुलिस को भी रोकने की कोशिश की। वे ‘पुलिस लौट जाओ’ के नारे लगा रहे थे। उन्होंने शव को कमरे में बंद कर दिया, लेकिन पुलिस वहां तक पहुंचने में कामयाब रही और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया।

student Protest -1ख़ुदकुशी के पीछे का सच ?

छात्रों का आरोप है कि पिछले साल अगस्त में एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के कार्यकर्ताओं से झड़प के कारण इन 5 स्टूडेंट्स को निकाला गया। आरोप है कि यह सब दिल्ली यूनिवर्सिटी में ‘मुजफ्फरनगर बाकी है’ डॉक्युमेंट्री की स्क्रीनिंग पर एबीवीपी के हमले के बाद शुरू हुआ।

छात्र वीसी और केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन दोनों की मिलीभगत से ही आम्बेडकर स्टूडेंट्स असोसिएशन (एएसए) के 5 छात्रों को निकाला किया गया। छात्र समूहों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने कहा कि वेमुला हॉस्टल से सस्पेंड होने और बाद में निकाले जाने के कारण काफी निराश था। उसका सामाजिक बहिष्कार भी कर दिया गया था, जिसके कारण वह हताश हो गया था। वेमुला ने रविवार शाम फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

वेमुला न्यू रीसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल के एक कमरे में फांसी के फंदे से लटकता मिला। उसके कमरे से 5 पन्नों का एक सूइसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा है कि कैसे वह हमेशा सितारों को देखता था और एक दिन प्रतिष्ठित टीचर बनने का सपना देखता था।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रहने वाले वेमुला को यूजीसी से जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) भी मिला था, लेकिन अपने सुइसाइड नोट में उसने लिखा है कि पिछले 6 महीने से उसे जेआरएफ फंड नहीं मिला। वेमुला अपने साथ निकाले गए 4 अन्य छात्रों के साथ पिछले 15 दिनों से यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन कर रहा था। वे पांचों निकाले जाने के विरोध में खुले में सो रहे थे। इन लोगों को दिसंबर में सस्पेंड किया गया था। उन्हें यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों और अन्य इमारतों में जाने से भी रोक दिया गया था।

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