बुलेट ट्रेन का सपना जल्द होगा साकार, जापान बना सकता है भारत के लिए बुलेट ट्रेन

नई दिल्ली

भारत की पहली बुलेट ट्रेन बनाने के अधिकार जापान को मिल सकता है। बिजनेस समाचार पत्र निक्की की एक रिपोर्ट के अनुसार बुलेट ट्रेन के निर्माण में 980 अरब की लागत आएगी और जापान इसके निर्माण के लिए 8.11 अरब डॉलर से अधिक का ऋण देने की पेशकश करेगा। इससे पहले जापान इंडोनेशिया की हाई स्पीड रेल बनाने की दौड़ में शामिल था लेकिन चीन ने इसके लिए बिना किसी गारंटी के पांच अरब का ऋण दे कर बाजी मार ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री शिंजो आबे का इस सप्ताह भारत जाने का कार्यक्रम है। माना जाना रहा है कि इसी दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच इस संबंध में कोई समझौता हो सकता है।

माना जा रहा है कि मुंबई और अहमदाबाद के मध्य 505 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के निर्माण का काम 2017 से प्रारम्भ भी हो कर 2023 में समाप्त हो सकती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक समय भारत को हवाओ से बात करने वाली 300 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली बुलेट ट्रेनों का सपना दिखाया था. वही सपना अब हकीकत सच होने की कवायद शुरू हो गई. अभी तक यह माना जा रहा था की मुंबई अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का पहला ट्रैक बनाने में ही तक़रीबन 1 लाख करोड़ का खर्च आएगा. इतना बड़ा बजट खर्च करना भारतीय रेल के लिए मुमकिन है और ना ही सरकार के लिए, लेकिन अब जापान सरकार की एक बेहद रियायती पेशकश ने इस सपने को हकीकत बनने की उम्मीद जगाई है.

जापान इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी की जानकारी के हवाले से बतया जा रहा है कि मुंबई अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के लिए 98 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है इसमें से जापान भारत को 90 हजार करोड़ रुपये का भारी भरकम कर्ज देने को तैयार हो गया है इतना ही नही क़र्ज़ के साथ साथ जापान – रियायतें भी दे रहा है. जानकारी के लिए बता दे की जापान आमतौर पर दूसरे देशों से ऐसे कर्ज के लिए 1.5 फीसदी का ब्याज वसूलता है लेकिन भारत को बुलेट ट्रेन पर दिए कर्ज के लिए जापान सिर्फ 0.5 फीसदी ब्याज वसूलेगा, यही नहीं पूरी दुनिया को जापान 25 साल के लिए ही कर्ज देता है, लेकिन मुंबई अहमदाबाद रूट पर बुलेट ट्रेन का कर्ज चुकाने के लिए जापान 50 साल का समय देने को तैयार है.

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