लड़ाकु विमान तेजस हुआ भारतीय वायुसेना में शामिल

बैंगलूरू

आज आखिर कार इंतज़ार की घड़ियाँ खत्म हो गईं और लड़ाकू विमान तेजस विमान को भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया है. तेजस विमान देश में बना सबसे हल्का और छोटा लड़ाकू विमान है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) पहले दो तेजस विमान भारतीय वायुसेना को आज सौंपा। इन दो विमानों बेड़े का नाम ‘फ्लाइंग डैगर्स फोर्टीफाइव’ है। ये विमान 1350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आसमान में उड़ान भरने के साथ साथ दुनिया के सबसे बेहतरीन फाइटर प्लेन को टक्कर देने की हैसियत रखता है।

TEJAS-2

आज पारंपरिक सैन्य तरीके से बैंगलूरू में वायुसेना की स्कावड्रन स्थापित की गई. भारतीय वायुसेना को आज स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की पहली स्कावड्रन मिल गई है. शुरूआत में इस स्कावड्रन में दो विमान होंगे. ये स्कावड्रन कोयम्बटूर के करीब शुलुर मे बेस होगी. शुरूआत के दो साल ये स्कावड्रन बैंगलुरू से ऑपरेट की जाएगी.

गौरतलब है कि बीते 17 मई को तेजस में अपनी पहली उड़ान भरने वाले एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने विमान को बल में शामिल करने के लिए ‘अच्छा’ बताया था । वायुसेना ने कहा है कि इस वित्तीय वर्ष में कुल छह विमान और अगले वित्तीय वर्ष में करीब आठ विमान शामिल करने की योजना है । तेजस अगले साल वायुसेना की लड़ाकू योजना में नजर आएगा और इसे अग्रिम अड्डों पर भी तैनात किया जाएगा। तेजस के सभी स्क्वाड्रन में कुल 20 विमान शामिल किए जाएंगे जिसमें चार आरक्षित रहेंगे ।

1983 मे शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की कीमत करीब 560 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब इसकी कीमत 10,398 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.

पिछले साल अप्रैल में सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में इस स्वदेशी विमान पर कई सवाल खड़े किए थे. रिपोर्ट में प्रोजेक्ट के 20 साल पीछे चलने, ट्रैनर एयरक्राफ्ट ना होने, प्रोजेक्ट की बढ़ती कीमत और विमान की तकनीक और फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरंस पर भी सवाल खड़े किए थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: