सुकमा- सीआरपीएफ जवानों पर नक्सली हमला, कोई चूक तो नहीं ?

नई दिल्ली

छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर ही हमले की कोई सुचना खुफिया तंत्र को नहीं थी, ऐसा कैसे हो गया कि इतना बड़ा हमले की खबर खुफिया विभाग तक नहीं पहुँच पाई थी ? किया नक्सली खुफिया विभाग से भी अधिक होशियार हो गए हैं ? कुछ ऐसी ही चर्चा सोशल मीडिया में हो रही है .

नक्सलवादियों द्वारा यह हमला इस साल का सबसे बड़ा हमला है और अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या नक्सलवाद से प्रभावित इस इलाके में सुरक्षा बलों से कोई चूक हुई, जिससे नक्सली इतना बड़ा हमला करने में सफल रहे. क्या जंगल में सड़क निर्माण पार्टी को सुरक्षा देने गए जवान खुद अपनी सुरक्षा के लिए बने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में चूक तो नहीं कर बैठे.

बता दें की छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों को जान गंवानी पड़ी जबकि 7 जवान घायल हो गए. ये जवान सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के थे.

पीएम नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.

बहर हाल छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में जान गंवाने वाले 25 सीआरपीएफ जवानों को आज रायपुर में श्रद्धांजलि दी जाएगी. गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस मौके पर मौजूद रहेंगे.

घटना दोपहर 12 बजे की है जब जवानों की टीम रोड ओपनिंग के लिए निकली थी. सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे ये जवान खाना खाने की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी.

खास बात यह है कि 2010 में इसी जगह हुए नक्सली हमले में 76 जवानों की मौत हो गई थी. फिलहाल घटनास्थल पर सीआरपीएफ की कोबरा टीम तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. इस घटना के बाद दूसरे इलाक़ों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इसी दौरान दंतेवाड़ा में भी सुरक्षा बलों ने IED को डिफ़्यूज कर दिया.ये IED नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के रास्ते में लगाई थी.

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