सिक्किम : कंचनजंघा को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ विरोध 

केंद्र सरकार द्वारा देश की 137 चोटियों पर पर्वतारोहण की मंजूरी देने से विवाद खड़ा हो गया है। इन 137 चोटियों में से 24 चोटियां सिक्किम में हैं और इसमें कंचनजंघा भी शामिल है, जिसे सिक्किम के लोग देवता मानते हैं।


गंगटोक

केंद्र सरकार द्वारा हाल में देश की 137 चोटियों पर पर्वतारोहण की मंजूरी देने से विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल इन 137 चोटियों में से 24 चोटियां सिक्किम में हैं और इसमें कंचनजंघा भी शामिल है, जिसे सिक्किम के लोग देवता मानते हैं।

सिक्किम सरकार ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह राज्य के 24 पहाड़ों को पर्वतारोहियों के लिए खोलने की अधिसचूना वापस ले। राज्य की चोटियों को यहां के लोग बहुत पवित्र मानते हैं और इनकी पूजा की जाती है।

उल्लेखनीय है कि सिक्किम में कंचनजंगा पर्वत को सिक्किमवासी अपने अभिभावक देवता के रूप में पूजते हैं। इससे पहले वर्ष 2000 में भी एक बार कंचनजंगा पर पर्वतारोहण के लिए पहल की गई थी। उस समय भी राज्य में काफी विरोध हुआ था। हालांकि, खराब मौसम के कारण पर्वतारोहण सफल नहीं हुआ था।

इसके बाद राज्य सरकार ने कंचनजंगा त​था अन्य आठ हिमालय पर्वतों के पर्वतारोहण पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करके सिक्किम के 24 हिमालय पर्वतों को पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के लिए फिर खोल दिया। उक्त 24 हिमालय पर्वतों में कंचनजंगा तथा अन्य आठ हिमालय पर्वत भी शामिल हैं जिसे सिक्किम में पवित्र माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है।

केंद्र के फैसले की मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने भी आलोचना की है और सरकार से अधिसूचना वापस लेने का आग्रह किया है। विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय इकाई ने भी केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ आवाज उठाई है।

सिक्किम सरकार ने 2001 में कानून बना कर कंचनजंघा समेत कई चोटियों पर पर्वतारोहण प्रतिबंधित कर दिया था।

केंद्र सरकार ने जिन चोटियों पर पर्वतारोहण की मंजूरी दी है उनमें सिक्किम में स्थित कंचनजंघा ( 8598 मीटर), नेपाल पीक ( 7168 मीटर), उत्तराखंड स्थित गरुड़ पर्वत ( 6504 मीटर), पूर्बी दूनागिरी (6489 मीटर), जम्मू कश्मीर स्थित माउंट कैलाश ( 6400 मीटर) व हिमाचल प्रदेश स्थित मुलकिला ( 6517 मीटर)। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार इन चोटियों पर विदेशी नागरिक पर्वतारोहण वीजा ले कर जा सकते हैं।

केंद्र ने भले ही कंचनजंघा पर पर्वतारोहण की इजाजत दे दी है लेकिन पर्वतारोही अब भी वहां नहीं जा पाएंगे, क्योंकि पर्वतारोहण का परमिट  इंडियन माउंटेनेरिंग फेडरेशन (आईएमएफ) ही जारी करता है और उसने साफ कहा है कि वह कंचनजंघा के लिए परमिट जारी नहीं करेगा।

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