एक स्कूल जहां के विद्यार्थी और शिक्षक करते हैं प्रकृती की संगरक्षण

गुवाहाटी 

By  Hasna Begum

साफ सफाई करना और पौधे लगाने का काम कई सरकारी और गैर सरकारी संगठन भी करते हैं। लेकिन पौधे लगाने के बाद पेड़ बन्ने तक इनका देखभाल करना शायद बहुत कम ही देखने को मिलता है। लेकिन इस मामले में डीपोर बिल के किनारे स्तिथ चारकदेव तरुण राम फुकन मध्य अंग्रेजी विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने एक अनोखी पहल की है I वह न केवल  पौधे लगाते हैं बल्की उस समय तक उस की देख रेख करते हैं जब तक वह पेड़ की आकार लेना शुरू न कर दे I या यूं कहा जाए कि इस स्कूल के  विद्यार्थी और शिक्षक  प्रकृती की संगरक्षणकरते हैं तो गलत नहीं होगा I

जी हाँ  गुवाहाटी से केवल 20 कि: मी: की दूरी पर स्थित इस विद्यालय में हर शिक्षक और विद्यार्थी एक पौधा लगाते हैं जिस के सामने उस के नाम की तख्ती लगी होती है I पौधा लगाने के बाद उन का काम खत्म नहीं होता बल्की हर विद्यार्थी औएर शिक्षक तोजाना उस पौधे की देख रेख करते हैं जब तक की वोह खुद बखुद एक पेड़ की आकार लेना न शुरू कर दे I

इस अनोखी पहला के तहत आठवीं कक्षा के विद्यार्थी लगाते हैं और फिर साल भर उस के देख रेख करते हैं. आठवीं कक्षा पास करने के बाद वोह आगे की पढाई के लिए किसी दुसरे स्कूल में चले जाते और फिर आठवीं कक्षा में जो नए विद्यार्थी आते हैं वोह एक बार फिर नए पौधे लगाते हैं I

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इस अनोखी पहल से पहले भी इस स्कूल के विद्यार्थी पर्यावरण दिवस के अवसार पर बड़े पैमाने विर्क्ष रोपण में भाग लिया करते हैं I प्रकृतिक सौदर्य से भरपूर डीपोर बिल के किनारे होने के कारण वह पिछले कई वर्षों से डीपोर बिल की भी देख भाल करते और बिल के किनारे पौधे लगाते आ रहे हैं I

इस विद्यालय में हर शनिवार को एक अलग क्लास लिया जाता है जिसमे विद्यार्थी को डीपोर बिल के बारे में महत्पूर्ण जानकारी दी जाती है और साथ ही इसका संगरक्षण कैसे करें इस बारे में भी जानकारी दी जाती है। उदहारण के तौर पर बिल के किनारों को साफ रखना, यहाँ पोलिथिन और प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना, बिल के चारों ओर पेड़ पौधे लगाना आदि।

डीपोर बिल असम का एकमात्र रामसर स्थल है। यहाँ के स्वक्ष जल और प्राकृतिक सौदर्य हमेशा से ही लोगों का आकर्षण का केंद्र बना हुवा है। ये बिल हजारो घरेलु पक्षियों के साथ साथ हर साल ठण्ड के मौसम में आने वाले विदेशी पक्षियों का भी घरोहर है। इसकी रक्षा करना और इसे खूबसूरत से भी खूसूरत बनाना हम सभी का फर्ज है।

 

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