NATIONAL

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पंजीकरण शुरू 

मंत्रालय द्वारा यात्रा के लिए गठित किया गया पहला मार्ग लिपुलेख दर्रे से होकर गुजरेगा.  इस मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का कुल किराया 1.8 लाख रूपये प्रति व्यक्ति बताया गया है.


नई दिल्ली

सरकार ने इस साल जून में शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है.  यह यात्रा 8 जून से 8 सितंबर तक दो मार्गों के जरिये होगी.  यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पंजीकरण 09 मई तक करा सकते हैं.  इसी बीच नेपाल होकर कैलाश मनसरोवर जाने वाले नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास ने परामर्श जारी किया.

सरकार की ओर से जारी की गई एडवाजरी में कहा गया कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने की योजना बना रहे भारतीय नागरिक यात्रा शुरू करने से पहले उचित चीनी वीजा और यात्रा परमिट प्राप्त करें.  परामर्श में कहा गया कि इस यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों को नयी दिल्ली स्थित चीनी दूतावास से वीजा लिया जाना होगा.

इसके साथ ही दूतावास ने तीर्थयात्रियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी सलाह दी है कि ऊंचाई वाली जगहों पर जाने पर होने वाली बेचैनी, आपातकालीन चिकित्सा राहत सहित अन्य सभी उपायों के लिए उनके पास पर्याप्त बीमा कवरेज जरूर कराएं। सूचना के अनुसार इस यात्रा के लिए 18 से 70 वर्ष की आयु के बीच के लोग ही पंजीकरण करा सकते हैं.

मंत्रालय द्वारा यात्रा के लिए गठित किया गया पहला मार्ग लिपुलेख दर्रे से होकर गुजरेगा.  इस मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का कुल किराया 1.8 लाख रूपये प्रति व्यक्ति बताया गया है.  इस बार कुल 18 जत्थे मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे। हर जत्थे में 60-60 लोगों का समूह होगा.  प्रत्येक जत्था अपनी यात्रा 24 दिनों में पूरी करेगा। अगर आप के लिए ऱजिस्ट्रेशन करवाते हैं तो यात्रा के दौरान दिल्ली में तीन दिन रुकने की सुविधा भी दी जा रही है.

सरकार द्वारा जारी की गई जानकारी में कहा गया है कि, इस यात्रा का रास्ता प्रमुख स्थलों जैसे नारायण आश्रम व पाताल भुवनेश्वर से होकर गुजरेगा.  तीर्थयात्री चियालेख घाटी या ओम पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता को देख सकते हैं जहां प्राकृतिक रूप से ‘ओम’ आकार में बर्फ दिखती है.  विज्ञप्ति में दूसरे रूट के बारे में कहा गया है कि नाथू ला दर्रे (सिक्किम) से होकर जाने वाला मार्ग वाहन से जाए जाने योग्य है और बुजुर्गों के लिए ठीक है जो कठिन ट्रैकिंग नहीं कर सकते। इसमें प्रति व्यक्ति खर्च ढाई लाख रुपये का आएगा.

Tags

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close