सियांग नदी का पानी मटमैला होने का कारण चीन में ही है- खांडू

ईटानगर

By Manzar Alam- Founder Editor, Arunachal24.in, Former Bureau Chief ( Northeast), Zee News

अरुणाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री पेमा खांडू ने Arunachal24 के साथ एक विशेष बातचीत के दौरान कहा है कि चीन में कुछ न कुछ ज़रूर हो रहा है जिस के कारण सियांग नदी का पानी मटमैला हो गया है और इतना अधिक मात्रा में उस में कीचड़ आ रहा हैI

खांडू ने Arunachal24 को बताया कि ” मैं खुद उस जगह तक गया हूँ और देखा हूँ जहां से सियांग नदी अरुणाचल में दाखिल होती है I वहीं पर पानी का रंग बदला हुआ है और बड़ी मात्रा में कीचड़ देखने को मिला हैI  अब सियांग नदी का पानी भारत में आने से पहले ही यदी मटमैला हो रहा है, तो यह साफ़ ज़ाहिर होता है कि इस का कारण भारत में नहीं चीन में ही हैI अब ज़रुरत है उस कारण का पता लगाने का जिस के कारण नदी का पानी मटमैला हो रहा है I

यानी चीन से होते हुए भारत के अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाली सियांग नदी के पीछे का राज़ चीन में ही छुपा है जिसे चीन छुपा रहा है I

खांडू ने आगे बताया की जिला स्तर पर सियांग नदी का पानी की जांच करवाई गयी है I जिले के उपायुक्त ने बताया है कि पानी में सीमेंट जैसा कुछ मिला है। इसलिए वह पानी इस्तेमाल करने लायक नहीं रहा।

सीएम खांडू ने इस बात की भी जानकारी  दी कि,  इस मुद्दे को ले कर वोह लगातार केंद्र सरकार के साथ सम्पर्क साधे हुए हैं I केंद्र सरकार के जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी सियांग नदी के पानी का सैंपल ले कर गए हैं I

आप को बता दें कि पानी के रंग में बदलाव सब से पहले उत्तरी सियांग जिले में स्थित गेलिंग में नोटिस किया गया था। यह वही पॉइंट है जहां से नदी भारत में प्रवेश करती है। पानी के दूषित होने की वजह से अरुणाचल प्रदेश स्थित डेइंग इरिंग मेमोरियल वाइल्डलाइफ सेंचुरी में प्रवासी पक्षियों का आवागमन भी कम हुआ है।  कई जगहों से नदी में मछलियों के मारे जाने की शिकायतें भी आयी थी I

सियांग नदी भारत के अरुणाचल में दाखिल होने से पहले  दक्षिणी तिब्बत में यारलुंग सांगपो नाम से बहती है. फिर अरुणाचल में उसे सियांग नदी के नाम से जाना जाता है तो असम में दाखिल होने के बाद उस का नाम  ब्रह्मपुत्र हो जाता है।

बता दें कि सियांग नदी का पानी काला पड़कर पीने के योग्य न रह जाने का मुद्दा भारत ने चीन के सामने उठाया है। भारत में आने से पहले यह नदी तिब्बत से गुजरती है, इसलिए भारत में इसके लिए चीन में कंस्ट्रक्शन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है लेकिन चीन इसमें अपना हाथ होने से साफ इनकार कर चुका है।

सियांग के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने हल ही में  कहा  है कि ” यह हमारे लिए चिंता का विषय है। हम इस बारे में जल संसाधन मंत्रालय के संपर्क में हैं और कुछ तथ्यों का पता लगाया है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीनी विदेश मंत्री से हाल में हुई मुलाकात में यह मुद्दा उठाया था। दोनों देशों के बीच ऐसा सिस्टम पहले से कायम है, जहां इस तरह के मुद्दे को उठाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: