रांची – मदर टेरेसा की संस्था ” मिशनरीज ऑफ चैरिटी ” पर नवजात की बिक्री का आरोप, 3 गिरफ्तार

 

रांची

मदर टेरेसा की संस्था ” मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम ” की संस्था पर नवजात की बिक्री का आरोप लगा है. इस मामले में मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम की कर्मचारी अनिमा दो और और दो अन्य सिस्टर को  कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

आरोप है कि चैरिटी होम की महिला संचालक के साथ मिलकर अनिमा आधा दर्जन नवजात को बेच चुकी है. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की जांच में इस तथ्य का खुलासा हुआ है कि एक बच्चा के एवज में 1.20 लाख रुपये तक लिये गये हैं .

बाल कल्याण समिति ने नवजात बच्चे को इस समिति से बरामद कर लिया है. फिलहाल इन बच्चों को एक अन्य संस्था में रखा गया है.

कुछ और बच्चों के भी अवैध तरीके से बेचे जाने की बात  पुलिस के सामने आयी है. उन बच्चों की मां के नाम पुलिस को मिले हैं. जिस की जांच की जा रही है.

राजधानी रांची के इस्ट जेल रोड स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम में अवैध रूप से नवजातों की बिक्री का खुलासा CWC की अध्यक्ष रूपा कुमारी ने बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय में किया. उन्होंने बताया कि होम की कर्मचारी अनिमा इंदवार को कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. उसने खुद स्वीकार किया कि अब तक आधा दर्जन नवजात को चैरिटी होम की संचालिका सिस्टर कोनसीलिया के साथ मिलकर बेच चुकी है.

 अनिमा ने कहा है कि बच्चा देने के एवज में 50 हजार से 1. 20 लाख रुपये तक लिये गये हैं. अध्यक्ष के मुताबिक, फिलहाल आधा दर्जन बच्चों के बेचे जाने का मामला सामने आया है. चैरिटी होम की संचालिका से पूछताछ के दौरान और भी नये खुलासे होंगे.

CWC की अध्यक्ष ने बताया कि एक अविवाहित लड़की पीड़ित मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम में प्रेग्नेंसी के दौरान रह रही थी. उसने एक मई को सदर अस्पताल रांची में एक लड़के को जन्म दिया. नवजात को अनिमा इंदवार ने संचालिका सिस्टर कोनसीलिया की मिलीभगत से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा में रहनेवाले दंपती सौरभ अग्रवाल व प्रीति अग्रवाल को अस्पताल खर्च के नाम पर महज 1.20 लाख रुपये में बेच दिया. तब वह मासूम चार दिन का ही था. तीन जुलाई को दंपती को बुलाकर अनिमा ने बच्चा यह कहकर ले लिया कि इसे कोर्ट में पेश करना है.

इसके बाद वह बच्चा लेकर गायब हो गयी. दंपती जेल रोड स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी और डोरंडा स्थित दूसरे शाखा में जा कर बच्चा मांगा, लेकिन उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया गया. इसके बाद ही उसने इसकी शिकायत सीडब्ल्यूसी से की. दंपती ने बताया कि उसकी बुआ लालपुर चौक इलाके में रहती है. अनिमा के बारे में जानकारी मिली थी. बच्चा लेने से पहले कागजी कार्रवाई भी करायी गयी थी.

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