नोट बंदी का विरोध संसद से सड़क तक, राष्ट्रपती भवन तक मार्च

नई दिल्ली

पिछले सात दिनों से बैकों और एटीएम से पैसे निकालने के लिए जद्दोजहद कर रही जनता की लंबी कतारों और उनको हो रही परेशानी की गूंज आज संसद से सड़क तक गूंजी। 8 नवंबर को पीएम मोदी की 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से ही देशभर में हलचल मची हुई है। इसी बीच आज नोट बंदी का विरोध संसद से सड़क तक देखने को मिला , सांसदों ने राष्ट्रपती भवन तक मार्च भी किया I

protest-against-notes-ban-2500 और 1000 के नोट बंदी के विरोध में जहां पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के नेत्रित्व में टीएमसी ने राष्ट्रपती भवन तक मार्च किया वहीं संसद में विपक्ष ने नोटबंदी को लेकर काफी हंगामा किया। टीएमसी के मार्च  में टीएमसी के अलावा शिवसेना, नेशनल कॉन्फ्रेंस और आम आदमी पार्टी के सांसद भी शामिल हुए I

ममता बनर्जी शुरू से ही मोदी सरकार द्वारा बड़े नोट बंद किए जाने का विरोध कर रही हैं और बढ़ चढ़ कर ब्यान दे रही हैं I वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने नोटबंदी के फैसले की जेपीसी से जांच कराने की मांग की है।

इससे पहले बुधवार को संसद परिसर में गांधी मूर्ति के पास टीएमसी नेताओं ने काले शॉल ओढ़कर सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया I

सरकार के लिए उसके सहयोगी शिवसेना ने भी मुश्किलें खड़ी कर दी है I शिवसेना ने यूं तो सोमवार को एनडीए की बैठक में एकजुटता का भरोसा दिया था, लेकिन उद्धव ठाकरे को ममता बनर्जी के फोन के बाद शिवसेना ने ऐलान कर दिया कि नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी मार्च में वह भी शामिल होगा I

राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि हम कालाधन और आतंकवाद के खिलाफ हैं। सरकार ने नोटबंदी का निर्णय गलत समय लिया इससे किसानों को और आम आदमी को बहुत दिक्कत हो रही है। नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा यूनियनों को फैसला लीक किया गया। बैंक से कैश निकासी पर रोक क्यों है? नोटबंदी से बेटियों की शादियां तक रुकी हैं। गरीब की लाश अस्पतालों में फंसी है। भाजपा ने घाव दिए और घाव पर नमक भी लगाया। मजदूर, किसान नोटबंदी से बेकार हुए, क्या गाजीपुर की रैली का भुगतान क्रेडिट कार्ड से हुआ? SBI को मार्च से नोट बंद होने की जानकारी थी।

आनंद शर्मा के सवालों पर भाजपा सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि पूरा देश पीएम के फैसले का स्वागत कर रहा है। आनंद शर्मा का अर्थशास्त्र कमजोर है। पहली बार ईमानदारी को सम्मान और बेईमान को नुकसान हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: