परिवर्तन रैली में बोले मोदी- नोट बंदी से गरीबों को कोई फर्क नहीं

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगरा में परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए नोट बंदी के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि नोट बंदी से गरीबों को तो कोई फर्क नहीं पड़ा हाँ अमीरों की नींद ज़रूर उड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि 8 तारीख को नोटबंदी के बाद से अब तक लोगों ने बैंकों में पांच लाख करोड़ से ज्यादा रकम जमा करवाया है।

पीएम ने कालेधन मुद्दे पर कहा कि देश के गरीबों, मध्यम वर्ग, पढ़े-लिखे, ईमानदार लोगों का वो सर झुका कर नमन करते हैं, जिन्होंने नोटबंदी में सरकार का सहयोग कर रहे हैं I पीएम मोदी ने कहा, ‘देश को भ्रष्टाचार और कालेधन से मुक्त कराने का बीड़ा उठाया हूं, और इसे खत्म करके ही दम लूंगा, लेकिन ये सफल तभी हो पाएगा जब आपका साथ मिलेगाI’ उन्होंने देशवासियों की तारीफ करते हुए कहा कि लोग मुश्किलों के बावजूद मुहिम का साथ देर रहे हैं, क्योंकि लोग भ्रष्टाचार और कालेधन से परेशान हैंI पीएम ने अपनी रैली में कहा कि नोटबंदी से जाली नोट के पूरे कारोबार को बड़ा झटका लगा है. नकली नोट से देश में ड्रग्स और गोली-बारूद लाए गए.

नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि मैंने 50 दिन कहा था। ये काम समय लेने वाला काम है। मैंने कहा था असुविधा होगी, तकलीफ होगी। मैं हैरान हूं कि मेरे देशवासी कालेधन से मुक्त करने के लिये मेरे गरीब, मध्मय वर्ग, आदिवासी, माताएं बहनें कष्ट उठा रही हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपका तप बेकार नहीं जाएगा।

आगरा में परिवर्तन रैली को सम्बोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब 2022 तक हर परिवार के पास अपना घर होगा। हमारी सरकार गरीबों को समर्पित सरकार है। मैं गरीबों की जिंदगी में बदलाव लाऊंगा। हमारी सरकार बेरोजगारों को राजमिस्त्री की ट्रेनिंग देंगी। इससे पहले पीएम मोदी ने पुखरायां में हुए ट्रेन हादसे पर दुख जताया। मृतकों के परिजनों की आर्थिक मदद की जाएगी।

पीएम ने कहा कि हमने पीएम जनधन योजना शुरू की, ताकि गरीब का बैंक में खाता हो। आधार योजना शुरू की ताकि गरीब के हक का खाता सीधे उसके खाते में पहुंचे। बिचौलिया ना खा पाये। हमने उज्ज्वला योजना चलाई, ताकि मेरी गरीब मां चूल्हे पर खाना नहीं बनाये, बल्कि गैस पर खाना बनाये। चूल्हे पर खाना बनाने के कारण 400 सिगरेट का धुंआ उसके अंदर चला जाता है। अब धुएं में मां को मरना नहीं पड़ेगा, बच्चों को धुएं में रोना नहीं पड़ेगा। लकड़ी काटने के लिये जंगल-जंगल भटकना नहीं पड़ेगा।

आजादी के 70 साल बाद भी कई गांव 18वीं सदी में जीते थे। 1000 दिन में मुझे गांवों में बिजली का काम पूरा करना है। सबसे ज्यादा गांव यूपी के हैं, जहां  बिजली नहीं पहुंची थी। 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने आगरा में एक बड़ी आवासीय योजना का शुभारंभ भी किया. ‘साल 2022 तक सभी के लिए आवास’के तहत अगले तीन सालों में 1 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. योजना के तहत 1 लाख से ज्यादा की सहायता राशि मिलेगी

 

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