मोदी ने चाय मजदूरों की समस्याओं को कभी नहीं समझा, सोनिया गाँधी

शिवसागर

मोदी कभी चाय बेचा करते थे, इस नाते उन्हों ने चाय बगानों के मजदूरों से अपने पार्टी की वोट देने की अपील कर बैठे, लेकिन किया वोह कभी इन चाय मजदूरों की असली जीवन में झाँकने प्रयास किया है, उन के दुखों, तकलीफों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया है ? पीएम नरेंद्र मोदी पर इस तरह के निशाने साध रही थीं कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी.

आज शिवसागर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सोनिया ने पीएम ओदी पर पलट वार करते हुए कहा की ‘मोदी चाय बागानों में काम करने वालों की तारीफ तो करते हैं लेकिन वह उनके असली हालातों से नावाकिफ हैं.’, यह कांग्रेस की ही सरकार थी और यह उसके तीन बार मुख्यमंत्री पद पर आए तरुण गोगोई थे जिन्होंने चाय बागानों में काम करने वालों का न्यूनतम वेतन बढ़वाया.

सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार ने असम के साथ कैसा व्यवहार किया यह जग ज़ाहिर है. “पीएम मोदी ने असम को तब खाना देने से मना कर दिया जब असम बाढ़ से जूझ रहा था”. सोनिया ने यह भी आरोप लगाया कि यूपीए सरकार द्वारा असम को दिया गया स्पेशल स्टेटस भी मोदी सरकार ने वापस ले लिया.

सोनिया गांधी ने कहा- इससे पहले असम आतंकवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था. तरुण गोगोई के शासनकाल में, असम प्रगतिशील राज्य के तौर पर उभरा है.

मुख्यमंत्री गोगोई पर उम्र को लेकर कमेंट करने पर उन्होंने मोदी की आलोचना की और कहा- आप असम के लोगों, और मुख्यमंत्री गोगोई का अपमान क्यों कर रहे हैं ?

बता दें कि पिछले हफ्ते पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि “गोगोई जी , आप 90 साल के हो गए हैं और असम को अपेक्षाकृत युवा नेता की जरूरत है.”

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