असम में डिजिटल पद्धति, पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

गुवाहाटी

असम की बीजेपी नीत सरकार ने पंचायत के 28,000 चयनित प्रतिनिधियों को डिजिटल पद्धति के बारे में जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है| इन प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने के पीछे उद्देश्य है राज्य के 3.20 करोड़ लोगों तक डिजिटल पद्धति के बारे जानकारी पहुँचाना|

गुवाहाटी स्थित भारतीय स्टेट बैंक के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, “चूँकि प्रधानमंत्री देश में कैशलेस लेन-देन पर जोर दे रहे है इसलिए हम इस दिशा में असम को नंबर वन बनाना चाहते है| इसके लिए हम पहले पंचायत स्तर पर 28,000 चयनित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करेंगे जो कि यही संदेश राज्य की 3.20 करोड़ जनसँख्या तक पहुंचाएंगे|”

इस क्षेत्र में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने राज्य सरकार के शिक्षा और युवा विभाग से प्रशिक्षण शिविर में एनएसएस कैडेटों को भी शामिल करने को कहा| सोनोवाल ने कहा, “180 कॉलेजों के एनएसएस वालंटियर लोगों को कैशलेस लेन-देन के प्रति जागरूक करेंगे|”

विमुद्रीकरण के बाद की स्थिति से निपटने में असम की जनता पूरी तरह सक्षम रही है, इस बात का दावा करते हुए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि इसका सबसे अच्छा उदहारण चाय बगान के श्रमिक है| जिस तरह लाखों चाय बगान के श्रमिकों ने विमुद्रीकरण की स्थिति में खुद को डाल लिया है यह एक अच्छा उदहारण है कि असम की जनता ने विमुद्रीकरण को सहजता से अपनाया है|

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