विदेशी करार दिया जाएग पूर्व राष्ट्रपति फकरुद्दीन अली अहमद के भतीजे का परिवार ?

By Hasna Begam 

गुवाहाटी-  गुवाहाटी से केवल 65 और रंगिया से 4 किलो मीटर दूर कालमोनी गाँव में रहता है भारत के पूर्व राष्ट्रपति फकरुद्दीन अली अहमद का  भतीजा  ज़ियाउद्दीन  अली अहमद और उनका  परिवार। गरीबी से बेहाल ये परिवार  रोजी- रोटी के लिए खेती के ऊपर सम्पूर्ण रूप से निर्भर है।

अपने 4 बीघा जमीन पर खेती बाड़ी कर के जियाउद्दीन अपने 2 बेटे, बीमार माँ और पत्नी के साथ किसी तरह गुजर- बसर कर रहा है। गरीबी की मार झेल रहे  इस परिवार पर अब आ पड़ा है  अपने आप को भारत का नागरिक साबित करने की बिपदा।

दरअसल असम में चल  रहे राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण प्रक्रिया जहां एक तरफ असम में रहने वाले लोगो का  पहचान बन्ने जा रहा है  वहीं ये असम के कई परिवारों का पहचान छीन भी रहा है। ऐसे ही परिवारों में एक परिवार है जियाउद्दीन अली अहमद का। हो सकता है की आने वाले दिनों में उसे विदेशी करार दे दिया जी तो कोइ बड़ी बात नहीं होगी.

Still1202_00000    Ziyauddin ahmad with his family

दरअसल पूरी कहानी यह है कि  NRC यानी राष्ट्रीय नागरिक  पंजीकरण  का फ़ार्म भरने के समय हर व्यक्ती को अपना लिगेसी डेटा जमा करना ज़रूरी है. लिगेसी डेटा वोह प्रमाण पत्र है जो यह साबित करता है की वर्ष 1972 में व्यक्ती के मातापिता भारत में थे, और उस व्यक्ती का जन्म भारत में ही हुआ है. यानी के वोह बांग्लादेश से नहीं आया है या विदेशी नहीं है .

अब बदनसीब जियाउद्दीन अली अहमद जब राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण के फॉर्म  भरने लगा तो उसे लाख ढूँढने पर भी अपना और अपने परिवार का लिगेसी डेटा से संबंधित कागजात नहीं मिले. जियाउद्दीन का कहना है की हर वर्ष आने वाले बाढ़ में उन का घर डूब जाता है. इस बाढ़ में या तो कागज़ात बह गए हैं या फिर खराब हो गए हैं. जिस के कारण अपने राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण के अपने फॉर्म के साथ वोह लिगेसी डेटा से संबंधित दस्तावेज़ जमा नहीं कर पा रहा है.

कारण चाहे कुछ भी हो लेखिन नियमअनुसार NRC फॉर्म के साथ लिगेसी डेटा से संबंधित दस्तावेज़ जमा नहीं कर पाने  के कारण अब भारत के पूर्व राष्ट्रपति फकरुद्दीन अली अहमद के भतीजे का परिवार अपने ही देश में बन जाएगा विदेशी।

पूर्व राष्ट्रपति के भतीजे के परिवार का ये हाल देखकर ये सवाल खड़ा होता है कि राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण NRC किया सही में असम के सभी भूमिपुत्र को उन के राष्ट्रीयता का पहचान दिला पायेगा? किया पूर्व राष्ट्रपति  के भतीजे का परिवार अपने ही देश में विदेशी बन जायेगा ? अब देखने वाली बात यह होगी की पूर्व राष्ट्रपती के भतीजे के नागरिकता से संबंधित इस समस्या का सरकार किया समाधान निकालती है. क्योंकि इस तरह की समस्या से केवल याउद्दीन ही नहीं बल्कि हज़ारों परिवार जूझ रहा है.

 

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