आई-फोन और मनी मोबाईल द्वारा हो रहा था लाखों का घोटाला- जानिए कैसे

 

गुवाहाटी- by- shrawan jha   (  NESamachar की  exclusive report  ) 

पढ़िए कहाँ चल रहा था आई-फोन, मनी मोबाईल एप्प और मोबाइल द्वारा पैसे ट्रान्सफर कर के बड़े पैमाने पर कमीशन कमाने का अवैध धंधा  …..

देश श में आई-फोन सब से महंगा फोन माना जाता है. यह फोन बहुत कम लोगों के हाथों में नज़र आता है. लेकिन असम के एक छोटे से शहर में अचानक इस फोन की मांग बढ़ने लगी. जहां महीने में 5 आई-फोन मुश्किल से बिकते थे वहीं रोजाना 40 से 50 आई-फोन बिकने लगे. जिस के हाथों में 10 हज़ार का फोन होता था वह भी 40 हज़ार का आई-फोन खरीदने फ़ोन विक्रेता के पास पहुंचने लगा. किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर मामला किया है. बढ़ती मांग को देखते हुए इस छोटे से शहर में गुवाहाटी से आई-फोन भेजा जा रहा था. लेकिन किसी के समझ में यह नहीं आ रहा था कि आखिर इस छोटे से शहर के लोगों को अचानक यह कौन सा शौक़ लग गया  है कि हर कोई आई-फोन खरीद रहा है. खबर जब पुलिस तक पहुँची तो पुलिस भी हैरान हो गयी और हरकत में आ गयी, फोन विक्रेता हैरान थे तो पुलिस परेशान.

आखिर कार पुलिस को सफलता मिल ही गयी और आई-फोन की बढ़ती मांग के पीछे की कहानी साफ़ हो गयी. पुलिस एक ऐसे गिरोह तक पहुँच गयी जो इसी आई-फोन और डिजिटल मनी ट्रांसफ़र के तकनीक के सहारे रोजाना लाखों रूपए का धंधा कर रहा था, वोह भी घर बैठे.

तो आयीय आप  को बताते हैं कि कैसे चलाया जा रहा था इस आई-फोन, डिजिटल मनी ट्रान्सफर, और मनी मोबाईल एप्प के सहारे अवैध धंधा.

दरअसल कैश-लेस लेन देन को प्रोत्साहित करने के लिए, कार्ड से लेन देन करने वालों को 3% का लाभ मिलता है. बस इसी 3% को तकनीक का सहरा लेते हुए अवैध धंधा चलाने वालों ने लाखों में बदल दिया.

सब से पहले अनवर हुसैन, जिसे इस अवैध धंधे का मास्टर माइंड बताया जा रहा है, उस ने 100 से अधिक लोगों को एक दल बनाया और सभी को मोबाईल एप्प और स्वीप मशीन का इस्तेमाल कर पैसे ट्रान्सफर करना सिखाया. उस के बाद सब से पहले उस ने एक रक़म अपने अकाउंट से दूसरे सदस्य के अकाउंट में ट्रान्सफर किया. और 3%  का लाभ उठाया, फिर उसी रकम को दूसरे ने तीसरे के और तीसरे ने चौथे…. फिर इस तरह  100 से अधिक सदस्यों के अकाउंट से होते हुए वही रकम कुछ घंटों में वापस अनवर के खाते में आ जाता है. इस तरह एक राउंड पूरा होने में सभी सदस्य को कमीशन के रूप में 3% मिल जाता था.  उस के बाद शुरू होता दूसरा, तीसरा, चौथा…… और इस तरह एक दिन रूपए ट्रान्सफर करने का करीब 100 राउंड पूरा कर लिया जाता. इस तरह घर बैठे दल का हर सदस्य हर रोज़ 10 से 20 हज़ार रूपए कमा रहा था.

पहले यह दल अवैध धंधा को एंड्राइड फ़ोन से अंजाम देताथा, जो बहुत ही सुस्त रफ़्तार से होता था. दिन भर में अधिक से अधिक 10- से 15 बार ही ट्रान्सफर किया जा सकता था. इस लिए किसी के नज़र में नहीं आ रहा था. लेकिन  इस दल का मास्टर माइंड ने जब आई-फोन के बारे में बताया जिस का प्रोसेसिंग सिस्टम फास्ट होने के कारण एक दिन में कम से कम 100 बार पैसे ट्रान्सफर हो जाता है. तब दल के सभी सदस्य आई-फोन खरीदना शुरू कर दिए ताकि अधिक से अधिक पैसे कमा सकें. बस यही से बाज़ार में  आई-फोन की मांग बढ़ने लगी तो धीरे धीरे चर्चा भी शुरू हुआ, फिर खबर पुलिस थाणे तक पहुँची, पुलिस हरकत में आयी और उस के बाद इस  अवैध धंधे को अंजाम दे रहे तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरफ्तार किये गए तीनो आरोपी की पहचान अनवर हुसैन, हमीदुर रहमान, और हैदर अली के रूप में किया गया है. पूछ ताछ के दौरान इन तीनो ने पुलिस के सामने कबूल किया की यह अवैध धंधा उनके ही खुराफाती दिमाग का नतीजा है और वः इस धंधे को कई महीने से चला रहे थे. अवैध रूप से पैसे ट्रांसफ़र करने वाले इस गिरोह का मास्टर माइंड अनवर है. पुलिस ने इन तीनो आरोपियों के खिलाफ 406/420  आईपीसी के साथ साथ  RW 66/66  ऑफ सुचना तकनीकी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद विभिन स्थानों में पुलिस की छापामारी जारी है. इस दौरान पुलिस ने एक आरोपी के घर से अलग अलग बैंकों के करीब 700 एटीएम कार्ड, 6 चेक बुक और अन्य  सामाग्री बरामद किये हैं. हालांकी आरोपी भागने में सफल हो गया. माना जा रहा है की आने वाले दिनों में मनी ट्रांसफ़र के इस अवैध धंधे को चलाने वाले गिरोह के कई सदस्य ग्रिफ्तार किये जा सकते हैं. पुलिस की नज़र बैंक पर भी है, क्योंकि बैंक कर्मचारियों के मिले बिना इस धंधे को चलाना आसान नहीं था.

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