उत्तराखंड: जंगलों में लगी आग बुझाने पहुंचा एमआई-17 हेलिकॉप्टर

देहरादून

भीषण आग से सुलग रहे राज्य के जंगलों को अब वायुसेना के एमआई 17 हेलीकॉप्टर बुझाने की कोशिश करेंगे I यह कदम केन्द्र सरकार के निर्देश पर उठाया गया है I जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दो एमआई 17 हेलीकॉप्टर राज्य सरकार को दिए गए हैंI

साढ़े तीन हजार लीटर बकेट पानी की क्षमता वाले एमआई 17 हेलीकॉप्टरों में एक गढ़वाल क्षेत्र तो दूसरा कुमाऊं क्षेत्र के जंगलों में लगी आग को बुझाएगाI

उत्तराखंड: जंगलों में लगी आग बुझाने पहुंचा एमआई-17 हेलिकॉप्टर

अब तक सैंकड़ों हेक्टेयर बर्बाद हो चुके जंगलों में बेशकीमती वन सम्पदा भले न बचाई जा सकी हो, लेकिन सुलगते जंगलों को यदि वायुसेना के हेलीकॉप्टर बुझा सके तो धू-धू कर जलती वन सम्पदा को कुछ हद तक बचाया जा सकेगा I

केदारनाथ की आपदा और उसके बाद पुर्ननिर्माण कार्यों में अपनी दक्षता साबित कर चुके वायुसेना के विशालकाय एमआई 17 हेलीकॉप्टरों के कंधों पर पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों की आग बुझाने का जिम्मा डाल दिया गया हैI श्रीनगर के जीवीके हैलीपैड पर उतरा वायुसेना का एमआई 17 अब गढ़वाल क्षेत्र के सुलगते जंगलों की आग बुझाएगाI

उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग सभी 13 जिलों के जंगलों में फैल चुकी है। आग से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इस मामले में पीएमओ हरकत में आ गया है। केंद्र ने एनडीआरएफ की टीमों को भेजा है।

कुमांउ तथा गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में 1890.92 हेक्टेअर से ज्यादा का जंगल तबाह हो गया। केंद्र से भेजी गई एनडीआरएफ टीम के 135 लोग अलग-अलग जिलों में आग बुझाने में लगे है। कई इलाकों में आग पर काबू पाया भी गया है, लेकिन कुछ एक हिस्से ऐसे भी हैं जहां अभी भी आग लगी हुई है।

भीषण आग से 6 लोगों की मौत हो गई है। इनमें तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने वक्त रहते कोई  कदम नहीं उठाया। आग की वजह से नेशनल हाई-वे को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है।

वन विभाग के मुताबिक गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगने की घटना आम बात है। हालांकि इतने बड़े पैमाने पर इससे पहले कभी आग नहीं लगी। जानकारी के मुताबिक जंगलों में 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू होता है। इससे पहले 2 फरवरी को आग लगी थी, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि इस साल आग की करीब 922 घटनाएं हो चुकी है।

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