मारवाड़ी मैटरनिटी हॉस्पिटल ने किया एक लाखवें बच्चे को सम्मानित

गुवाहाटी

मारवाड़ी मैटरनिटी हॉस्पिटल तथा मारवाड़ी हॉस्पिटल्स एंड रिसर्च सेंटर के नाम से प्रसिद्ध मारवाड़ी अस्पताल ने सन 1985 में स्थापना के बाद से अब तक एक लाख बच्चों का प्रसव करवाकर बड़ा गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि को मनाने के लिए शनिवार को छात्रीबाड़ी स्थित लायंस आई अस्पताल के सभागार में एक समारोह का आयोजन किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित तथा सम्मानीय अतिथि के तौर पर भारतीय स्टेट बैंक,पूर्वोत्तर सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक पी.वी.एस.एल.एन मूर्ति ने हिस्सा लिया।

marwari-hospital-2समारोह में 22 नवंबर 1985 को मारवाड़ी मैटरनिटी में सर्वप्रथम जन्म लेने वाली नारायण दत्त और अंजली दत्त की बेटी नवनीता दत्त व एक लाखवें बच्चे के रूप में दिपांजलि शर्मा तथा पंकज शर्मा के पुत्र चिन्मय शर्मा को सम्मानित किया गया। हालांकी नवनीता इस समारोह में उपस्थित नहीं थी I वोह अब ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं, लेकिन उन के मातापिता समारोह में मौजूद थे  Iइसके अलावा उल्लेखनीय सेवा एवं समर्पण भावना के लिए अस्पताल की कुछ नर्सों को भी सम्मानित किया गया।

18 मई 1916 को स्थापित मारवाड़ी दातव्य औषधालय ने भी इसी साल स्थापना के गौरवपूर्ण सौ वर्ष पुरे कर लिए है। इसके अलावा फैंसी बाजार आउटडोर डिस्पेंसरी नामक इसकी एक इकाई हर साल लगभग 50 हजार मरीजों को निःशुल्क इलाज एवं दवा उपलब्ध करा रही है। जबकि मारवाड़ी अस्पताल के रूप दूसरी इकाई मल्टी स्पेशलिटी सर्विसेज के साथ 160 बिस्तरों वाला अस्पताल है। वहीँ तीसरी इकाई के रूप में मारवाड़ी अस्पताल डायग्नोस्टिक सेंटर NABL से सुसज्जित एक उच्चस्तरीय पैथोलॉजिकल लैब है।

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समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री बनवारीलाल पुरोहित ने मारवाड़ी अस्पताल द्वारा समाज के लिए किए जा रहे इस सेवा की सराहना की I उन्हों ने कहा कि भागम भाग की इस दुनिया में किसी संस्था द्वारा समाज के लिए कुछ करना तारीफ़ के काबिल है और मारवाड़ी अस्पताल इस का जीता जागता उदहारण है I  उन्हों ने कहा कि यह सेवा भावना ही है जो 100 वर्ष में एक छोटे से डिस्पेंसरी को एक विशाल अस्पताल का रूप दे दिया है I उन्हों विशवास दिलाया की इस संस्था के आगे बढ़ने में उन से जो मदद हो सकेगा वोह करेंगे I राज्यपाल ने समारोह में मौजूद स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के चीफ जेनरल मैनेजर से कहा कि वह ऐसे संस्थानों की दिल खोल कर मदद करें जो निस्वार्थ हो कर समाज सेवा में व्यस्त हैं I राज्य पाल ने यह भी आश्वासन दिलाया की यदी अस्पताल शहर से बाहर ग्रामीण इलाकों में अपनी इकाई खोलने की सोच रहा है तो ज़मीन उपलब्ध करवाने के लिए वह मुख्य मंत्री से ज़रूर चर्चा करेंगे I

समारोह में मौजूद   सम्मानीय अतिथि के तौर पर भारतीय स्टेट बैंक,पूर्वोत्तर सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक पी.वी.एस.एल.एन मूर्ति ने मारवाड़ी अस्पताल की सेवा भावना की तारीफ़ करते हुए कहा की बैंक ऐसे संस्थाओं की मदद के लिए हमेशा आगे रहा है और यहाँ भी वह हर प्रकार की मदद देने के लिए तैयार है I

इस से पहले संस्था के अध्यक्ष शरत कुमार जैन ने संस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी I उन्हों ने  बताया की पिछले 100 वर्षों से यह संस्था समाज के गरीब तबके को निशुल्क सेवा देता आ रहा है I इस सेवा को और सुचारू रूप से चलाने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए अब यह ज़रूरी हो गया है कि जो पैसे खर्च करने में शक्षम हैं उन से कम से कम पैसे लिया जाए ताकी अस्पताल की सेवाओं को और बहतर बनाया जा सके I शरत जैन ने बताया की दिल्ली के गंगाराम जैसे बड़े बड़े अस्पताल हमारे अस्पताल के साथ असम में काम करने के लिए तैयार हैं जिसे देखते हुए यह संस्था अब शहर से बाहार एक नया अस्पताल की स्थापना के बारे में सोच रहा है जिस के लिए कम से कम तीन एकड़ ज़मीन की ज़रुरत है I अगर ज़मीन उपलब्ध हो जाती है तो एक नए अस्पताल की स्थापना की जाएगी जहां मरीजों को और अधिक सुविधाएं मुहैया करवाने का लक्ष्य है I

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