मारवाड़ी हिंदी पुस्तकालय, एक सुखद आश्चर्य- हेम भाई

गुवाहाटी 

By Ravi Ajitsariya

मनुष्य को देहिक शरीर से आगे बढ़ कर जाना है और एक दुसरे के लिए कार्य करना है, तभी विश्व में शांति कायम हो सकती है l यह बात श्री मारवाड़ी हिंदी पुस्तकालय में एक संवाद कार्यक्रम के तहत आमंत्रित वरिष्ठ समाज सेवी और प्रवीण गाँधीवादी विचारक, शाकाहार के प्रवर्तक, भागवत और उपनिषद् के ज्ञाता और शांति साधना आश्रम, गुवाहाटी के संचालक हेम भाई बोल रहे थे l

नारायण खाकोलिया की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए l कार्यक्रम में प्रसिद्ध साहित्यकार कपूरचंद जैन ने हेम भाई के व्यक्तित्व पर विकास डाला l अनुवर्त सामिति,गुवाहाटी के संस्थापक और समाज सेवी निर्मल चौरारिया ने भी अपने विचार रखे l

कार्यक्रम में बोलते हुए हेम भाई ने कहा कि फैंसी बाज़ार में इस तरह का पुस्तकालय का होना एक सुखद आश्चर्य और कोतुहल का विषय है l मारवाड़ी और हिंदी सुमुदाय द्वारा इस तरह की संस्था चलाना, इस बात की और इंगित करता है कि वे भी व्यवसाय के अतरिक्त भी साहित्य साधना में कार्यरत है l उन्होंने यह भी वडा किया कि जब भी उनको किताबों की जरुरत पड़ेगी, वे इस पुस्तकालय में चले आयेंगे l डेढ़ घंटे चले इस कार्यक्रम का सञ्चालन कांता अगरवाल ने किया और धन्यवाद् ज्ञापन किया सचिव सौरव बोथरा ने l

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