मारवाड़ी दातब्य औषधालय की सौ वर्षों के सफ़र पर एक नज़र

Ravi Ajitsariyaगुवाहाटी

By Ravi Ajitsariya

कोई भी संस्थान जब अपनी स्थापना के सौ वर्ष पुरे कर लेता है, तब उसके द्वारा किये गए कार्यों की समीक्षा तो समस्त समाज करता ही है साथ ही उसके स्थापना के समय जिन महानुभावों ने अपना योगदान दिया था, उनके प्रति कृतज्ञता भी ज्ञापन करता है l असम का मारवाड़ी समाज आज इस बात पर गर्व कर रहा है कि फैंसी बाज़ार गुवाहाटी स्थित श्री मारवाड़ी दातब्य औषधालय आज अपने सौ वर्ष मना रहा है l चलिए डालते हैं मारवाड़ी दातब्य औषधालय के 100 वर्षों के सफ़र पर एक नज़र I

mh-1इस सौ वर्ष की यात्रा इस बात के भी संकेत देती है कि इस अहिन्दी प्रदेश में भी परोपकार के उद्देश्य से एक समाज ने ऐसे प्रकल्प की स्थापना की जिसका लाभ समस्त लोगों को हुवा l जिस समाज ने करीब दो सौ वर्ष पहले असम कदम रखे थे, और अपने होने के करीब एक सौ वर्ष बाद उसने एक ऐसे समाज सेवा का प्रकल्प को स्थापित कर दिया, जो आज एक वट वृक्ष बन गया है l

वर्ष 1916 में जब असम में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक चेतना अपने शैशव काल में थी, तब कुछ सेवा परायण मारवाड़ी लोगों ने फैंसी बाज़ार में एक डिस्पेंसरी की स्थापना की जिसका नाम श्री मारवाड़ी दातब्य औषधालय रखा गया, जो बाद में 1930 में मेसर्स रामचंद्र शिवदतराय द्वारा प्रदत भवन में स्थाई रूप से स्थानांतरित हो गयी l

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फैंसी बाज़ार में इस औषधालय में सिर्फ पंजीकरण मूल्य पर मुफ्त परामर्श और दवाइयां दी जाती है l रक्त शर्करा और रैक-चाप के परिक्षण के लिए बेहद कम मूल्य पर जाँच संग्रह केंद्र भी यहाँ स्थापित किया गया है, जो लोगों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित हो रही हैl परोपकार के उद्देश्य से बनी हुई यह डिस्पेंसरी ना सिर्फ गरीबों को मुफ्त दवाइयां देती है, साथ ही उनके बेहतर उपचार के लिए कम कीमत पर विभिन्न जाँच सेवा भी उपलब्ध करवा रही है l डिस्पेंसरी में रोजाना तीन अंग्रेजी दवाओं और तीन होम्योपैथिक दवाओं के डाक्टर रोजाना बैठते है l फैंसी बाज़ार में यह सेवा पिछलें सौ वर्षों से निरंतर चल रही हैl तब से बनें हुए इस प्रकल्प ने अपने पुराने प्रकल्प को तो बरक़रार रखा ही है. साथ में एक प्रसूति गृह और एक बहुआयामी हॉस्पिटल को भी इन सौ वर्षों में स्थापित किया है l

mh-4सामाजिक जीवन में ‘बहुजनहिताय’ और ‘बहुजनसुखाय’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ता हुवा मारवाड़ी समाज अपनी परोपकार की संस्कृति को आज भी नहीं भुला है l ऐसे हजारों उदहारण हमें मिल जायेंगे, जहाँ दीन दुखियों की सेवा में समाज के लोगों ने अपनी अग्रणी भूमिका निभाई है l ऐसे ही कुछ प्रकल्पों में शामिल है पेज..2

श्री मारवाड़ी दातब्य औषधालय ने वर्ष 1985 में आठगांव में अपनी एक अलग यूनिट की स्थापना की जिसका नाम पड़ा मारवाड़ी मैटरनिटी हॉस्पिटल l इस भूमि के दानदाता स्वर्गीय भोलानाथ सराफ थे, जिसने एक महत उद्देश्य के लिए यह भूमि प्रसूति गृह के लिए दान कर दी थी l समाज के दान से बनी हुई इस मैटरनिटी हॉस्पिटल में बेहद कम कीमत पर जच्चा-बच्चा की देख रेख की जाती है l

इसी प्रसूति गृह के साथ में बना हुवा है, मारवाड़ी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, जो एक बहु-विशेषता हॉस्पिटल है, जो एक आईएसओ 9001 प्रमाणित हॉस्पिटल है, जहाँ आपातकालीन सेवा भी उपलब्ध करवाई जाती है l सेठ नन्दलाल खाकोलिया के वंशजों ने इस हॉस्पिटल की भूमि को दान में दी थी l

इसी हॉस्पिटल की एक ब्लड बैंक भी है, जिसका नाम समस्त गुवाहाटी की उच्च कोटि की एक ब्लड बैंकों में शामिल है, जो अपने सेवा कार्य से मारवाड़ी समाज का नाम उज्जवल कर रहा है l इसके आलावा मारवाड़ी हॉस्पिटल में हर वर्ष करीब 250 से अधिक गरीब रोगियों की निशुल्क शेल्य चिकित्सा श्री बैजनाथ गाडोदिया चेरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से होती है l इसके आलवा गरीब रोगियों के इलाज के लिए समाज के सहयोग से मारवाड़ी हॉस्पिटल में एक वृहत योजना बनाई गयी है, जिसका रूपायन बहुत जल्दी होने की उम्मीद है l अपने शताब्दी समारोह में मारवाड़ी हॉस्पिटल ने जन सामान्य के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा भी की है l समाज सेवा और जन सेवा के उदेश्य से स्थापित की हुई एक छोटी डिस्पेंसरी आज मारवाड़ी समाज का एक गौरव बन गयी है, जो सीमित खर्च पर बढ़िया इलाज करवा रही है, जिसका एक मात्र आदर्श रहा है-

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