माजुली बना देश का पहला नदी द्वीप जिला

माजुली

देश को माजुली के रूप में आज पहला नदी द्वीप जिला मिल गया है| ब्रह्मपुत्र के 400 स्क्वायर किलोमीटर में फैला माजुली आज से जिला बन गया है|

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने आज जिला उपायुक्त के कार्यालय का उद्घाटन कर माजुली को राज्य का 35 वां जिला घोषित किया|

सर्वानंद सोनोवाल और उनकी कैबिनेट ने पहली बार राजधानी से बाहर आज माजुली में कैबिनेट की बैठक आयोजित की और इस दौरान दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप के चहूमुखी विकास के लिए कई निर्णय लिए|

एक घंटे के करीब चली बैठक में माजुली में एक अलग कौशल विकास विभाग की स्थापना का फैसला लिया गया| इसके अलावा नदी द्वीप की सड़कों के पक्कीकरण का भी फैसला लिया गया है| अत्याधुनिक तकनीक से नदी के तटबंध बनाए जाने का भी प्रस्ताव है|

इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, “आप लोग मेरे काम पर नजर रखिए| अगर कोई गलती होती है तो मेरी निंदा कीजिए| राज्य में संसाधन की कोई कमी नहीं है और इसका उपयोग राज्य के विकास के लिए किया जा सकता है|”

मुख्यमंत्री ने माजुली से गुवाहाटी तक एएसटीसी की रात्रि बस सेवा को भी हरी झंडी दिखाई|

बहुमत के साथ सत्ता में आई सर्वानंद सोनोवाल की सरकार ने 24 मई को कैबिनेट बैठक में जो फैसले लिए थे उनमें से सबसे पहला फैसला माजुली को जिला घोषित करना था| राज्य की सांस्कृतिक राजधानी माजुली सालों से भू-कटाव की वजह से अस्तित्व का संकट झेल रही है| ब्रह्पुत्र के पानी में यहाँ की 60 प्रतिशत जमीन बह चुकी है| 16 वीं सदी से ही वैष्णव धर्म का प्राण केंद्र यह नदी द्वीप असम की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी रही है| सालों से उपेक्षा का शिकार यह नदी द्वीप उस वक्त सुर्ख़ियों में आया था जब विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर सर्वानंद सोनोवाल ने यहाँ से चुनाव लड़ा|

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