महंत की एनएसजी सुरक्षा पर मुख्यमंत्री का केंद्र को पत्र

गुवाहाटी

पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल महंत की एनएसजी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल सहित उनके दो मंत्रियों अतुल बोरा और केशव महंत ने केंद्र को पत्र लिखा है| यह कदम आईबी की ताजा रिपोर्ट के बाद उठाया गया है जिसमें कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल महंत को उग्रवादी समूहों से जान का खतरा है| इसी आधार पर राज्य के मुख्यमंत्री ने केंद्र के पास महंत की एनएसजी सुरक्षा बहाल करने का अनुरोध भेजा है|

इधर पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल महंत ने कहा है कि उनके खिलाफ गहरी राजनीतिक साजिश चल रही है| गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा पहले से मिले जेड-प्लस सहित एनएसजी सुरक्षा घेरे को बरकरार रखने के आदेश के बाद थोड़ी राहत महसूस कर रहे महंत ने सवाल किया है कि राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और सरकार में सहयोगी असम गण परिषद से बने दो मंत्रियों, अतुल बोरा और केशव महंत के पत्रों के बाद क्या केंद्र सरकार विषय पर पुनर्विचार करेगी|

महंत ने सवाल किया कि अगर केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार उन्हें कोई ख़तरा नहीं है तो सीआरपीएफ जवानों के सुरक्षा घेरे की क्या जरुरत है? उन्होंने कहा कि राज्य की जनता और भगवान ही उनकी सुरक्षा करेंगे|

एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए महंत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का जेड-प्लस सहित एनएसजी सुरक्षा घेरा हटाए जाने के बाद गोगोई ने केंद्र सरकार को दिए पत्र में कहा था कि मुख्यमंत्री पद से हटे हुए उन्हें महज 7 महीने ही हुए हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल महंत 16 साल पहले राज्य के मुख्यमंत्री थे| बावजूद इसके महंत का सुरक्षा घेरा नहीं हटाया गया और उनका (गोगोई) क्यों हटाया गया|

महंत ने कहा कि गोगोई के पत्र के बाद केंद्र सरकार ने उनका जेड-प्लस सहित एनएसजी का सुरक्षा घेरा हटाने का फैसला लिया| महंत ने तारीखों का हवाला देते हुए कहा कि आईबी की रिपोर्ट के आधार पर भी अगर गृह मंत्रालय उनका जेड-प्लस सहित एनएसजी सुरक्षा घेरा वापस लेता तो उसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती|

बता दें कि वर्ष 1997 में गुवाहाटी में महंत पर प्रतिबंधित संगठन उल्फा ने बम से हमला किया था और तभी से उन्हें जेड-प्लस सहित एनएसजी सुरक्षा घेरा मिला हुआ था|

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