कोकराझाड़ – छात्रों ने उठाई गौरांग नदी पर पुल बनाने की मांग

कोकराझाड़

कोकराझाड़ की गौरांग नदी पर कोई पुल नहीं होने से स्कूली छात्रों और लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती है| ऐसे में छात्रों ने नदी पर पुल बनाने की मांग उठाई है| कोकराझाड़ वेस्ट नंबर -29 के तहत सेसापानी, पोरौगुरा, नेपालीपारा और कोमलासोरा के चार से अधिक गाँव और कोकराझाड़ ईस्ट नंबर – 30 के अंतर्गत कुछ गांवों के स्कूली छात्रों और अन्य लोगों को नाव के सहारे गौरांग नदी पार करनी पड़ती है|

कोकराझाड़ स्थित कोकराझाड़ भोतगाँव हाई स्कूल, एमई स्कूल, एमई मदरसा और कॉलेजों तक आने के लिए छात्र-छात्राओं को नाव के जरिए गौरांग नदी पार करनी पड़ती है, जिस वजह से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है|  आम लोगों को भी आए-दिन इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है|

पत्रकारों से बात करते हुए आम्सू की साउथ कोकराझाड़ आंचलिक समिति के महासचिव सोफिकुल शेख ने कहा कि गौरांग नदी पर पुल नहीं होने की वजह से सेसापानी, पोरौगुरा, नेपालीपारा और कोमलासोरा के चार से अधिक गाँवों के लोगों के आम जीवन और व्यापार पर असर पड़ रहा है| छात्रों को भी रोजाना नाव से नदी पार करने के लिए 20 रुपए चुकाने पड़ते हैं|

उन्होंने परिवर्तन की सरकार और बीटीसी प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय ही सिर्फ पुल निर्माण का वादा किया जाता है, लेकिन बाद में उन वादों को भूला दिया जाता है| नेताओं को छात्रों और आम लोगों की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है|

आए दिन परेशानियों से जूझ रहे छात्रों ने असम सरकार और बीटीसी प्रशासन से गौरांग नदी पर पुल बनाने की मांग की है|

इधर कोमलासोरा गाँव के ग्राम प्रमुख ने बताया कि वे कई बार विधायक, कोकराझाड़ के सांसद नव सरनिया और बीटीसी प्रशासन से इस सिलसिले में बात कर चुके है, लेकिन अब तक नदी पर पुल निर्माण की मांग पूरी नहीं हुई है|

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