काजीरंगा नेशनल पार्क- बेदखल अभियान के दौरान पुलिस फाइरिंग, 2 की मौत

गुवाहाटी 

काजीरंगा नेशनल पार्क के समीप आज चलाए गए बेदखल अभियान के दौरान पुलिस फायरिंग में 2 लोग मारे गए, जिनमें एक महिला भी शामिल है| बताया गया है कि उद्यान के समीप अवैध रूप से बसे लोगों में कई बंगलादेशी नागरिक भी है| तकरीबन 430 स्क्वायर किलोमीटर इलाके में बेदखल अभियान चलाया गया|

knp-eviction-2अखिल असम अल्पसंख्यक छात्र संघ ने इस बेदखल अभियान को अमानवीय करार देते हुए राज्यभर में हाईवे का घेराव करने का आह्वान किया है|

पिछले साल अक्टूबर महीने में ही गुवाहाटी हाई कोर्ट ने काजीरंगा नेशनल पार्क के समीप बंदरडूबी, देओसुरसांग और पालखोवा नामक तीन गांवों में बेदखल अभियान चलाने का निर्देश दिया था| गुवाहाटी के पूर्वी छोर में 200 किलोमीटर का यह इलाका नगांव जिले के अंतर्गत आता है|

यह बेदखल अभियान बुधवार को चलाया जाना था पर नगांव जिला प्रशासन ने यहाँ के निवासियों को विरोध का कोई मौका नहीं देने के इरादे से समय से पहले ही यह अभियान चलाया| जिला अधिकारियों ने बताया कि बंदरडूबी, देओसुरसांग और पालखोवा इलाके में बेदखल अभियान चलाने में मदद के लिए एक हजार सुरक्षाकर्मी मौके पर भेजे गए थे| हालांकि कुछ असमिया परिवारों ने अभियान को रोकने की कोशिश की| उन्होंने अभियान दल को इलाके में प्रवेश करने से रोकना चाहा| प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में गोलियां चलाई| इस दौरान अंजुमा खातून और फखरुद्दीन नामक दो लोगों की जान चली गई जबकि 10 अन्य लोग घायल हो गए|

एक तरफ जहाँ दो लोगों की जान पुलिस फायरिंग में जाने की बात की जा रही है वहीँ नगांव के डीसी शमशेर सिंह ने इस बात से इनकार करते हुए कहा, “दोनों की जान भगदड़ की वजह से गई है| इन लोगों को भड़काया गया था| इन्हें भड़काने वाले नेता को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा|”

अधिकारियों को इलाके के 190 परिवारों को बेदखल करने का निर्देश था जहाँ पहले ही धारा 144 लागू की गई थी| उसके बाद किए गए प्रदर्शन को प्रशासन ने गैर कानूनी ठहराया है| इस बीच मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि सरकार बेदखल किए गए लोगों को 40 दिन के भीतर मुआवजा प्रदान करेगी|

इधर कृषक नेता अखिल गोगोई का कहना है कि “बगैर वैकल्पिक व्यवस्था के इन लोगों को यहाँ से बेदखल नहीं करना चाहिए था| सरकार काजीरंगा में भी सिंगूर जैसी परिस्थिति उत्पन्न करना चाहती है|” वही आम्सू का आरोप है कि इस बेदखल अभियान में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया गया है|  नागाओं जिला प्रशासन की इस सफल कारवाई को  सोशल मीडिया पर  लोग सही ठहरा रहे हैं  I

 

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