जेएनयू की सेंट्रल लाइब्रेरी की वेबसाइट हुआ हैक, हैकर्स का नाम ब्लैक ड्रैगन

नई  दिल्ली

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में देशविरोधी नारे लगाये जाने का मुद्दा अब आयर भी तूलपकड़ने लगा है और हर तरफ से लोग अपने अपने तरीकों से इस घटना की निंदा हिनके साथ साथ विरोध भी प्रकट कर रहे हैं. अब  हैकर्स का एक तबका भी सामने आया है और वोह भे इस का विरोध अपने तरीके कर रहा है. उस ने जेएनयू की सेंट्रल लाइब्रेरी की वेबसाइट को हैक कर लिया है, हैकर्स का नाम ब्लैक ड्रैगन लिखा गया है.

दरअसल हुआ यूं है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कुछ छात्रों द्वारा देश विरोधी नारे लगाने पर हैकर्स का एक ग्रुप नाराज है. इस ग्रुप ने मामले पर विरोध जताने के लिए मंगलवार को यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी की वेबसाइट हैक कर ली और उसके द्वारा अपने मन की भड़ास निकाली.

jnu LIBRARY HACK-3

मंगलवार को जब यूजर्स ने lib.jnu.ac.in पर लॉग इन करने की कोशिश की, तो उन्हें वहां भारत का झंडा नजर आया, जिसके बैकग्राउंड में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाना चल रहा था. इस ग्रुप का नाम ब्लैक ड्रैगन बताया जा रहा है. इस ग्रुप ने साईट पर एक संदेश भी छोड़ा है, ‘जैसा कि तुमने कहा कि “कश्मीर की आजादी तक जंग रहेगी- जंग रहेगी तो…… आपको लगता है कि महज जेएनयू परिसर में कश्मीर का मुद्दा उठाकर आप इसे हासिल कर लेंगे.

विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के अधिकारियों ने बताया कि कामकाज का समय खत्म होने के बाद वेबसाइट हैक होने का पता चला। मामले के बारे में विश्वविद्यालय के आईटी विभाग को सूचित कर दिया गया है और इसे दूर करने के उपय किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की गई है।

संदेश में जो नारे दिख रहे हैं उन्हें नौ फरवरी को विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से बोला गया था और इस संबंध में छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किए जाने के कारण छात्रों के बीच जबर्दस्त आक्रोश है तथा गैर भाजपा पार्टियां इसकी आलोचना कर रही हैं।

विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी की वेबसाइट पर 72 ऑनलाइन डाटाबेस, पुस्तकालय सूची, 20,000 इलेक्ट्रोनिक शोध और लघु शोध प्रबंध, आठ लाख डिजिटल प्रेस क्लिपिंग, 100 देशों से 57 भाषाओं में 2,300 ई-समाचार पत्र और दो लाख से अधिक ई-पुस्तकें तथा सभी ई-पत्रिकाएं उपलब्ध हैं।

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