गरमाता जा रहा है जेएनयू में देश विरोधी नारों का विवाद

नई दिल्ली

जेएनयू  में देश विरोधी नारों का विवाद थमने के बजाए और भी गरमाता जा रहा है. जेएनयू में देश विरोधी नारे को लेकर आज भी जेएनयू के बाहर कई हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया, वहीं कल पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में पत्रकारों से मारपीट के खिलाफ पत्रकारों ने आज मार्च निकाला है.

दिल्ली में जेएनयू गेट के बाहर आज भी पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों का प्रदर्शन हुआ है. इनका कहना है कि देश विरोधी नारे लगाने वालों को यूनिवर्सिटी में घुस कर मारेंगे.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के शिक्षक आज देशद्रोह के मामले में विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों द्वारा किए जा रहे कक्षाओं के बहिष्कार में शामिल हो गए और कहा कि वे विश्वविद्यालय लॉन में ‘राष्ट्रवाद’ पर कक्षाएं लेंगे।

JNU protest
protest in JNU campus

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पत्रकारों की पिटाई के खिलाफ प्रेस क्लब से सुप्रीम कोर्ट तक पत्रकारों का मार्च हुआ, बरखा दत्त और राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार शामिल हुए, पत्रकारों ने गृह मंत्री राजनाथ सि भी मुलाक़ात की. आरोप है कि सोमवार को कोर्ट परिसर में जब वकील कुछ पत्रकारों को पीट रहे थे तो पुलिस तमाशबीन बनी खड़ी रही।

कांग्रेस ने पटियाला हाउस परिसर में शिक्षकों एवं पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा करते हुए इसे ‘फांसीवादी कृत्य’ बताया और आरोप लगाया कि एक भाजपा विधायक के नेतृत्व में भाजपा के गुंडे इस हमले में शामिल थे।

पिछले हफ्ते जेएनयू छात्र यूनियन के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. कन्हैया ने कहा कि उन्हें राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है जो कि गलत है. बता दें कि आतंकवादी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में जेएनयू में हुई एक सभा में राष्ट्रविरोधी नारे लगे थे. तमाम विपक्षी पार्टियों ने इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है.

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