कैदियों ने दिया कामरूप ग्रामीण के मुख्य न्यायिक दंडाधीश के आदेशों को चुनौती

गुवाहाटी 

गुवाहाटी सेंट्रल जेल में सश्रम आजीवन कारावास की सजा काट रहे 11 कैदियों ने गुवाहाटी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है| उन्होंने कोर्ट में कामरूप ग्रामीण के मुख्य न्यायिक दंडाधीश द्वारा जारी आदेशों की वैधता को चुनौती दी है जिन्होंने इससे पहले इन 11 कैदियों समेत सेंट्रल जेल के 413 कैदियों की अपील को ठुकरा दिया था जिसमें जेल के कैंटीन में ताम्बुल-पान की बिक्री और सेवन की अनुमति देने का आग्रह किया गया था|

इन कैदियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अमित गोयल ने कहा, “सीजेएम द्वारा 31 अक्टूबर 2015 को जारी आदेश के खिलाफ 403 कैदियों ने एक साथ मिलकर जेल के अधीक्षक के जरिए कामरूप ग्रामीण के जिला और सेशन जज को 6 जनवरी 2016 के दिन एक आवेदन दिया था| इसमें उन्होंने अपील  की थी कि उन्हें जेल की कैंटीन में ताम्बुल-पान कि बिक्री और सेवन की अनुमति दी जाए| कामरूप ग्रामीण के सेशन जज ने 29 जनवरी को यह आवेदन कामरूप की सीजेएम अदालत में दाखिल की| हालांकि उसी दिन कोर्ट ने कैदियों की इस अपील को ठुकरा दिया|

आवेदन में कैदियों ने कहा था कि अगर जेल में ताम्बुल-पान की बिक्री और सेवन कि इजाजत दी जाती है तो सभी कैदी जेल की साफ़-सफाई का ध्यान रखेंगे| उनका कहना है कि इससे उनका दिमाग तारो ताजा रहेगा और उनकी सोच बदलेगी|   

अधिवक्ता गोयल ने कहा कि कामरूप ग्रामीण के सीजेएम ने अवैध तरीके से यह आदेश जारी किया चूँकि कैदियों के रोजमर्रा की गतिविधियों और जेल प्रबंधन से संबंधित आदेश जारी करने का उनके पास अधिकार नहीं है| सीजेएम महज जेल के अधीक्षक या महानिरीक्षक को सलाह दे सकता है| उसे पारित करने का अधिकार जेल अधीक्षक को है|   ऐसे में अब इन कैदियों ने कामरूप ग्रामीण सीजेएम द्वारा जारी आदेशों को गुवाहाटी हाईकोर्ट में चुनौती दी है| 

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