रूस के हमलों ने ISIS की कमर तोड़ दी, अमेरिका को रूस से शिकायत

News desk/nesamachar.in

सीरिया में जारी रूस के हवाई हमलों पर अमेरिका ने सवाल उठाया है। अमेरिका का कहना है कि रूस के ज्यादातर हमले आईएसआईएस और अलकायदा समर्थित आतंकियों के बजाय बशर विरोधी विद्रोहियों के ठिकानों पर किए जा रहे हैं। अमेरिका ने यह बात रूस के उस स्टेटमेंट के जवाब में कही, जिसमें रूस ने सीरिया में ISIS ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया था।

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अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट स्पोक्सपर्सन जॉन किर्बी ने बुधवार को कहा, “रूस द्वारा किए गए 90% से ज्यादा हवाई हमले आईएसआईएस या अल कायदा समर्थित आतंकी ठिकानों पर नहीं किए गए। वे उन विद्रोहियों के ठिकानों को नष्ट कर रहे हैं जो बशर सरकार के खिलाफ हैं और सीरिया का बेहतर भविष्य चाहते हैं।” विद्रोहियों का समर्थन करने वाले अमेरिका का आरोप है कि रूस के हमलों का उद्देश्य बशर अल असद की सत्ता बचाना है, न कि आतंकियों का सफाया करना।

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किर्बी ने कहा, “तो चाहे वो समुद्र से क्रूज मिसाइल अटैक करें या फाइटर जेट से हमला करें, नतीजा एक ही होगा। बशर सरकार को रूस का सपोर्ट मिलता रहेगा। रूस और सीरिया मिलकर विद्रोहियों और आम लोगों पर हमले कर रहे हैं। यह सीरिया के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। यह रूस की बड़ी गलती है।”

रशियन नेवी के चार जंगी जहाजों ने बुधवार को 1500 किलोमीटर की दूरी से 26 क्रूज मिसाइलें दागीं। कैस्पियन सागर से सीरिया के इलाकों पर हुए इस हमले में आईएसआईएस के 11 ठिकानों को तबाह कर दिया गया।

रशियन वॉरशिप पर तैनात फाइटर जेट सीरिया में लगातार हवाई हमले कर रहे हैं। तारटस में नेवी ओल्ड बेस पर मिलिट्री इक्विपमेंट की डिलिवरी और सप्लाई की जा रही है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हमले इतने तेज हैं कि आईएसआईएस कई इलाकों में कमजोर हो रहा है। रूस ने पिछले एक हफ्ते में सीरिया में मौजूद आतंकियों पर 120 हवाई हमले किए हैं।

 

 

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