भारत-बांग्लादेश सीमा पर छोटे-बड़े पुल होंगे सील, केंद्र का निर्देश  

गुवाहाटी

केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित नालों, उपनदियों तथा अन्य जलस्रोतों पर बने सभी छोटे-बड़े पुलों को सील करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है| असम सरकार, आसू और विभिन्न दल-संगठन सालों से यह मांग उठा रहे थे|

असम के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद सर्वानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी पहली औपचारिक मुलाकात में ही भारत-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सील करने का अनुरोध किया था| उन्होंने साथ ही प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष भारत-बांग्लादेश सीमा पर नालों, उपनदियों तथा अन्य जलस्रोतों पर बने पुलों से घुसपैठ की आशंका जताई थी|

सर्वानंद सोनोवाल के अनुरोध के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा केंद्रीय लोक-निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों ने धुबड़ी सेक्टर में भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमा का मुआयना किया और सभी संभावित घुसपैठ के रास्तों को बंद करने की कार्य योजना बनाई|

केंद्र ने पिछले सप्ताह ही सीमा पर स्थित नालों, उपनदियों तथा अन्य जलस्रोतों पर बने सभी छोटे-बड़े पुलों को सील करने का औपचारिक निर्देश दे दिया है| ग्लोबल टेंडरिंग के जरिए यह काम शुरू किया जाएगा|

धुबड़ी सेक्टर में कुल 147 किलोमीटर अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कुल 31 स्थान ऐसे है जहाँ जल निकासी के लिए छोटे-बड़े पुल बने हुए है| इन पुलों के नीचे से बाड़ नहीं लगाए जा सकते|

सूत्रों के अनुसार छोटे-बड़े जलनिकासी स्रोतों पर विशेष प्रकार के स्लूज गेट लगाए जाएंगे जिससे पानी तथा जलचर प्राणियों के प्रवाह पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन मवेशी और इंसान किसी भी सूरत में आर-पार नहीं हो पाएंगे| इस विशेष तकनीक से उम्मीद है की सीमा पार घुसपैठ पर अंकुश लगेगा|

 

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